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पटना : बांस घाट के अंदर अब भी आठ फुट तक पानी व दलदल, पार्किंग बनना मुश्किल

Updated at : 21 Oct 2019 1:41 AM (IST)
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पटना : बांस घाट के अंदर अब भी आठ फुट तक पानी व दलदल, पार्किंग बनना मुश्किल

कलेक्ट्रेट घाट पर ह्यूम पाइप बिछाने को चार पोकलेन हटा रहे हैं गाद पटना : इस बार छठ पूजा में गंगा नदी के पेट में घाट के पास बनने वाली पार्किंग बनने की उम्मीद बहुत कम है. प्रस्तावित पार्किंग स्थल पर अब भी आठ फुट पानी और घुटने तक दलदल है. अस्थायी तालाब बन गये […]

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कलेक्ट्रेट घाट पर ह्यूम पाइप बिछाने को चार पोकलेन हटा रहे हैं गाद
पटना : इस बार छठ पूजा में गंगा नदी के पेट में घाट के पास बनने वाली पार्किंग बनने की उम्मीद बहुत कम है. प्रस्तावित पार्किंग स्थल पर अब भी आठ फुट पानी और घुटने तक दलदल है. अस्थायी तालाब बन गये हैं, जो पानी से भरे हैं. हालत यह है कि घाट तक रास्ता बनाने से ज्यादा मुश्किल पार्किंग बनाने में होगी. लगभग यह तय है कि बांसघाट से दो किलाेमीटर अंदर तक लोगों को सिर पर दऊरा लेकर जाना होगा. कलेक्ट्रेट और महेंद्रू घाट पर भी एक किलोमीटर अंदर घाट तक जाना होगा.
हालांकि प्रशासन ने अपनी तरफ से यह साफ नहीं किया है कि पार्किंग बनेगी या नहीं. फिलहाल रास्ता बनाये जाने का कार्य प्रारंभ हो गया है. बांसघाट पर रविवार को रास्ता बनाने के लिए गाद हटाने का काम 50 प्रतिशत हो गया था. बहुत जल्द यहां पर होम पाइप लगाकर बालू की बोरियां रखकर रास्ता बनाने का काम शुरू होगा. लाइटिंग के लिए भी काम चल रहा है.
पिछली बार एक महीना पहले से शुरू होती थी तैयारी, इस बार बचे हैं 10 दिन : घाट पर गाद हटाने और रास्ता बनाने का काम कर रही एजेंसी का कहना है कि इस बार बहुत कम समय मिला है. पानी होने की वजह से बहुत मुश्किल हो रहा है. पिछली बार एक महीना पहले से ही घाट की तैयारी शुरू हो गयी थी. लेकिन इस बार अभी काम शुरू हुआ है और छठ पूजा में महज 12 दिन बचे हुए हैं.
कलेक्ट्रेट घाट की हालत बहुत खराब है. यहां पर बहुत ज्यादा हिस्सों में पानी और गाद है. रविवार को गाद हटाने का काम चल रहा था. इसके लिए चार पोकलेन लगाये गये थे. लेकिन अभी 10 प्रतिशत गाद भी नहीं हटायी जा सकी थी.
घाट की हालत देख कर काम में जुटे लोग मजूदरों की संख्या बढ़ा रहे हैं. अभी 70 मजदूरों को गाद हटाने में लगाया गया है. गाद को पक्के घाट के नीचे एक साइड में किया जा रहा है. वहीं घाट पर बालू की बोरियां भी बननी शुरू हो गयी हैं. सीढ़ीयों पर बालू की बोरियां रख भी दी गयी हैं. यहां पर पिलर संख्या 17 के पास से घाट तक सड़क बनाने की तैयारी चल रही है.
गंगा नदी में बाढ़ आने के कारण महेंद्रू घाट की सीढ़ियों और चबूतरे पर दो फुट तक गाद मौजूद है. घाट पर बैठने के लिए बनाये गये छोटे-छोटे गोलंबर में भी गाद भरी हुआ है. दोपहर में महिला व पुरुष मजदूर इस गाद को हटाने में जुटे हुए थे. गाद को नीचे फेंका जा रहा है.
पक्के घाट तक अभी पानी भी भरा हुआ है. बुडको और जिला प्रशासन की टीम ने बांसघाट, कलेक्ट्रेट घाट और महेंद्रू घाट का निरीक्षण किया. टीम में अपर समहर्ता राजीव कुमार श्रीवास्तव समेत अन्य लोग शामिल थे. उन्होंने बताया कि कमिश्नर संजय कुमार अग्रवाल के निर्देश पर निरीक्षण हो रहा है. जल्द काम पूरा कर लिया जायेगा.
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