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पटना : ड्यूअल मोबिलिटी कप तकनीक से ज्वाइंट इधर-उधर नहीं होता

Updated at : 14 Oct 2019 9:12 AM (IST)
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पटना : ड्यूअल मोबिलिटी कप तकनीक से ज्वाइंट इधर-उधर नहीं होता

घुटना और कूल्हे के सफल ऑपरेशन का प्रतिशत बढ़ा पटना : ज्यादातर लोगों में यह धारणा बन गयी है कि ज्वाइंट यानी जोड़ों के ऑपरेशन काफी असफल होते हैं. इसके कारण वे अपनी बीमारी को ढ़ोते रहते हैं. यह बिल्कुल निराधार बात है. नयी तकनीक के आने के बाद ऑपरेशन काफी सफल हो रहे हैं. […]

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घुटना और कूल्हे के सफल ऑपरेशन का प्रतिशत बढ़ा
पटना : ज्यादातर लोगों में यह धारणा बन गयी है कि ज्वाइंट यानी जोड़ों के ऑपरेशन काफी असफल होते हैं. इसके कारण वे अपनी बीमारी को ढ़ोते रहते हैं. यह बिल्कुल निराधार बात है. नयी तकनीक के आने के बाद ऑपरेशन काफी सफल हो रहे हैं. मसलन आप ड्यूअल मोबिलिटी कप टेक्नीक को ही ले लीजिए. इस तकनीक के इस्तेमाल से ज्वाइंट के इधर-उधर होने की संभावना बेहद कम होती है.
इसका इस्तेमाल सामान्य ऑपरेशन से महज दस फीसदी अधिक है. अनूप मास्टर कोर्स के दूसरे दिन कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ आशीष सिंह ने यह बातें कही. कार्यक्रम के दौरान तीन वैसे मरीजों की लाइव हिप सर्जरी की गयी जो पैसे के अभाव के कारण ऑपरेशन नहीं करा सके थे. इसमें से दो मुजफ्फरपुर अौर भागलपुर के लोग थे तो वहीं तीसरे व्यक्ति गुवाहाटी, असम के थे.
इसके अलाज के बारे में बताते हुए डॉ पुरुषोत्तम ने कहा कि इसपर कम से कम 2.5 से 3 लाख रुपये खर्च आता है. उन्होंने कहा कि यहां पर विमर्श किये जाने से नयी तकनीक बिहार में इस्तेमाल होगी और यहां से सीखकर डॉक्टर राज्य भर में इसका इस्तेमाल कर सकेंगे. मौके पर डॉ आशीष की लिखित किताब टोटल हिप रिपैलेसमेंट का भी विमोचन किया गया.
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