बिहार के विकास में इलाहाबाद बैंक की भूमिका रही है अहम
Author Prabhat khabar digital desk
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पटना : इलाहाबाद बैंक का रिश्ता बिहार से काफी पुराना है. ब्रिटिश शासन काल में बिहार के गवर्नर की अनुपस्थिति में गवर्नर का कार्यभार इलाबाद बैंक पटना शाखा के प्रबंधक ग्रहण करते थे. आज उसकी अस्मिता खतरे में है. विगत 30 अगस्त को केंद्रीय वित्तमंत्री ने बैंकों का विलय की घोषणा की गयी, जिसमें इलाहाबाद […]
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पटना : इलाहाबाद बैंक का रिश्ता बिहार से काफी पुराना है. ब्रिटिश शासन काल में बिहार के गवर्नर की अनुपस्थिति में गवर्नर का कार्यभार इलाबाद बैंक पटना शाखा के प्रबंधक ग्रहण करते थे. आज उसकी अस्मिता खतरे में है.
विगत 30 अगस्त को केंद्रीय वित्तमंत्री ने बैंकों का विलय की घोषणा की गयी, जिसमें इलाहाबाद बैंक का विलय इंडियन बैंक के साथ होना है. इस घोषणा से न केवल इलाहाबाद बैंक के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ बैंक से जुड़े लोग भी निराश हैं. ऑल इंडिया इलाहाबाद बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने गुरुवार को कहा कि देश का सबसे पुराना बैंक जिसकी स्थापना 24 अप्रैल 1865 में इलाहाबाद में हुआ था.
आज भी देश का सबसे बड़ा प्रदेश उत्तर प्रदेश में एक हजार से अधिक शाखाओं के साथ अग्रणी बैंक की भूमिका में सर्वाधिक व्यवसाय करने वाला बैंक है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए सरकारी कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में भी इस बैंक की अहम भूमिका रही है.
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