ePaper

सब इंस्पेक्टर ने कहा-पैसे नहीं हैं, बच्ची को ढूंढ़ने कैसे जाएं

Updated at : 14 Aug 2019 4:41 AM (IST)
विज्ञापन
सब इंस्पेक्टर ने कहा-पैसे नहीं हैं, बच्ची को ढूंढ़ने कैसे जाएं

पटना : पटना हाइकोर्ट ने पुलिस विभाग के काम करने के तरीके को लेकर तीखी टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि अपने सीनियर अधिकारियों का आदेश नहीं मानने वाले अधिकारी कैसे पद पर बने हुए है. ऐसे अधिकारी को पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है. मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एपी शाही तथा […]

विज्ञापन

पटना : पटना हाइकोर्ट ने पुलिस विभाग के काम करने के तरीके को लेकर तीखी टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि अपने सीनियर अधिकारियों का आदेश नहीं मानने वाले अधिकारी कैसे पद पर बने हुए है. ऐसे अधिकारी को पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है.

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एपी शाही तथा न्यायमूर्ति अंजना मिश्रा की खंडपीठ ने सोमवार को मो अकील कुरेशी की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के बाद यह टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि पुलिस विभाग आंख में धूल झोंखने का काम नहीं करे. दोषी पर विभागीय कार्रवाई के लिए कारण बताओ नोटिस जारी कर देने से क्या होने वाला है.
जब तक दोषी सब इंस्पेक्टर को निलंबित कर हाइकोर्ट को नहीं बताया जायेगा, तब तक इस मामले की सुनवाई नहीं की जायेगी. हाइकोर्ट ने पटना पूर्वी के एसपी को हर हाल में आलमगंज थाने के दोषी सब इंस्पेक्टर को निलंबित करते हुए शपथपत्र के माध्यम से बुधवार को इसकी जानकारी देने को कहा.
कोर्ट की टिप्पणी थी कि विधि व्यवस्था ऐसे नहीं चलता है. यही हाल रहा तो भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बड़े अधिकारी आंसू गैस छोड़ने का आदेश देंगे और अधिकारी आदेश मानने से इन्कार करते हुए अपने घर चले जायेंगे.
कोर्ट ने कहा-इंस्पेक्टर के निलंबन के बाद ही होगी सुनवाई
नाबालिग लड़की की गुमशुदगी से जुड़ा है मामला
मोहम्मद कुरैशी ने 15 जनवरी, 2019 से लापता अपनी 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री की बरामदगी करने का निर्देश दिये जाने के लिए हाइकोर्ट में एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की है. कोर्ट ने एक अप्रैल को पुलिस से कहा कि वह लड़की की बरामदगी की दिशा में कार्रवाई कर उसे सूचित करे.
कोर्ट के निर्देश के बाद भी पुलिस द्वारा इस मामले में कोई
पहल नहीं की गयी. जब भी सुनवाई की तिथि निर्धारित हुई, समय की मांग की जाती रही. बाद में कोर्ट को बताया कि बच्ची का पता चल गया है, उसे बरामद करने के लिए राज्य के बाहर जाना है, जिसके लिए पुलिस के बड़े
अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य है. कोर्ट ने राज्य के बाहर जाकर लड़की की बरामदगी करने की अनुमति दी. इस बीच आइओ ने बच्ची को बरामद करने के लिए बिहार से बाहर जाने से यह कहते हुए इन्कार कर दिया कि इसके पास पटना से बाहर इस मामले में जाने के लिए पैसा नहीं है. इसलिए लड़की को बरामद करने वह बिहार से बाहर नहीं जायेगा. इस पूरे मामले की जानकारी आलमगंज थाना प्रभारी ने एसएसपी,पटना को भेज दी.
मुख्य न्यायाधीश के कोर्ट ने एसपी पूर्वी को बुधवार को आदेश की सूचना जारी कर बताने को कहा
सीनियर का आदेश नहीं मानने वाले अधिकारी कैसे पद पर
मालूम हो कि पांच जनवरी को याचिकाकर्ता की नाबालिग बच्ची के अपहरण की प्राथमिकी सुल्तानगंज थाने में छह जनवरी को कांड संख्या 12/19 दर्ज की गयी. लेकिन, तीन माह बीत जाने के बावजूद बच्ची की बरामदगी नहीं किये जाने पर बच्ची के पिता ने हाइकोर्ट से गुहार लगायी है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन