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प्रदेश के सभी नौ मेडिकल कॉलेजों में दशहरा तक स्थापित होंगे आइ बैंक

12 Aug, 2019 5:45 am
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प्रदेश के सभी नौ मेडिकल कॉलेजों में दशहरा तक स्थापित होंगे आइ बैंक

पटना : राज्य के सभी नौ मेडिकल कॉलेजों में इस वर्ष दशहरा तक आइ बैंक स्थापित हो जायेंगे. अक्तूबर तक इन्हें शुरू करने के लिए राज्य सरकार ने डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये जारी कर दिये हैं. आइ बैंक के साथ ही वहां मोटिवेटर और एक्सपर्ट भी नियुक्त किये जायेंगे. डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने रविवार […]

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पटना : राज्य के सभी नौ मेडिकल कॉलेजों में इस वर्ष दशहरा तक आइ बैंक स्थापित हो जायेंगे. अक्तूबर तक इन्हें शुरू करने के लिए राज्य सरकार ने डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये जारी कर दिये हैं. आइ बैंक के साथ ही वहां मोटिवेटर और एक्सपर्ट भी नियुक्त किये जायेंगे. डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने रविवार को विद्यापति भवन में दधीचि देहदान समिति की तरफ से अंतरराष्ट्रीय अंगदान दिवस के दो दिन पहले आयोजित संकल्प महोत्सव को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं.

मोदी ने कहा कि मरने के बाद उन्होंने और सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद ने अपने शरीर को पीएमसीएच में दान करने का संकल्प लिया है. उनके शरीर का अंतिम संस्कार नहीं कराया जायेगा. उन्होंने कहा कि इस वर्ष अब तक 450 लोगों ने आंखों की कॉर्निया दान करने की इच्छा जाहिर की है.
अगले साल तक इस आंकड़े के एक हजार तक पहुंचने का लक्ष्य रखते हुए काम करना है. डिप्टी सीएम ने आने वाले समय में पटना में एक ब्लाइंड वॉक आयोजित करने की घोषणा भी की. इसमें गांधी मैदान से डाक बंगला चौराहा तक सभी लोग आंखों में पट्टी बांधकर चलेंगे, ताकि वे दृष्टिहीन लोगों के दर्द को समझ सकें और नेत्रदान के लिए प्रेरित भी हो सकें. पटना के आइजीआइएमएस में अब तक 412 कॉर्निया और 54 किडनी का प्रत्यारोपण हो चुका है.
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में 10 लाख लोगों ने देहदान का संकल्प लिया है, जिनमें मृत्यु के बाद एक हजार 800 लोग दान भी कर चुके हैं. बिहार में भी इसे लोकप्रिय करने की जरूरत है. कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि श्रीलंका की तरह हमें भी नेत्रदान में आगे आने की जरूरत है.
2022 तक 10 लाख लोगों को अंगदान कराने का संकल्प दिलाया जायेगा. सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद ने अंगदान को महादान बताते हुए कहा कि जिन्होंने दान की वसीहत बनायी है, उनके परिवार वालों को भी इसके लिए तैयार करने की जरूरत है.
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने अपने नेत्र को दान करने का संकल्प लिया. डिप्टी सीएम ने उन्हें इस बाबत सर्टिफिकेट भी सौंपा. मंगल पांडेय ने कहा कि गया और भागलपुर मेडिकल कॉलेजों में आइ बैंक तैयार हो चुके हैं. 15 दिनों के अंदर ये काम करने लगेंगे. अक्तूबर के अंत तक सभी नौ मेडिकल कॉलेजों में आइ बैंक काम करने लगेंगे. प्रमुख कॉलेजों में आइ ट्रांसप्लांट शुरू हो जायेगा.
उन्होंने कहा कि अंगदान के मामलों को लेकर राज्य में निदेशक स्तर की एक कमेटी का जल्द गठन हो जायेगा. यह इस मामले में सरकार को सुझाव देगी. आइजीआइएमएस में लिवर ट्रांसप्लांट की पूरी सुविधा बहाल हो गयी है. जब इसके लिए कोई मरीज आयेगा, तो तुरंत लिवर ट्रांसप्लांट कर दिया जायेगा.
हार्ट ट्रांसप्लांट की सुविधा भी जल्द शुरू हो जायेगी. उन्होंने कहा कि 11 से 25 अगस्त तक पूरे राज्य में अंगदान पखवारा मनाया जायेगा. लोगों को जागरूक करने के लिए पीएमसीएच में एक टॉल फ्री नंबर भी काम करने लगेगा. अब तक आइजीआइएमएस में 412 और पीएमसीएच में 31 कॉर्निया ट्रांसप्लांट हो चुकी है.
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