सभी तालाब, आहर, पइन, कुएं दिसंबर तक होंगे अतिक्रमणमुक्त, कब्जामुक्त कर इनका होगा जीर्णोद्धार : नीतीश कुमार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :10 Aug 2019 5:27 AM (IST)
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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में मौजूद सभी तालाबों, आहर, पइन, कुओं समेत ऐसे सभी जल स्रोतों को अभियान चलाकर अतिक्रमणमुक्त किया जायेगा. शहर या गांव कहीं भी मौजूद इन जल स्रोतों को कब्जामुक्त करके इनकी उड़ाही करायी जायेगी और जीर्णोद्धार कराया जायेगा. यह सुनिश्चित कराया जायेगा कि राज्य के सभी […]
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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में मौजूद सभी तालाबों, आहर, पइन, कुओं समेत ऐसे सभी जल स्रोतों को अभियान चलाकर अतिक्रमणमुक्त किया जायेगा. शहर या गांव कहीं भी मौजूद इन जल स्रोतों को कब्जामुक्त करके इनकी उड़ाही करायी जायेगी और जीर्णोद्धार कराया जायेगा. यह सुनिश्चित कराया जायेगा कि राज्य के सभी कुआं और चापाकल ठीक काम करे.
इनका भी जीर्णोद्धार करके इनके आसपास सोख्ता बनाये जायेंगे. मुख्यमंत्री शुक्रवार को बापू सभागार में आयोजित जल-जीवन-हरियाली कार्यक्रम के तहत जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत कर रहे थे. बिहार पृथ्वी दिवस (नौ अगस्त) के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में सभी लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े 11 सूत्री संकल्प भी दिलाये गये.
इस दौरान उन्होंने जीविका दीदी की तरफ से तैयार किये गये जल-जीव-हरियाली के ‘लोगो’ और स्लोगन ‘जल-जीवन-हरियाली, तभी होगी खुशहाली’ का भी अनावरण किया. कार्यक्रम में मौजूद मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कहा कि दिसंबर तक सभी जल स्रोतों को अतिक्रमण मुक्त करा लिया जायेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन को लेकर सभी को सजग और सक्रिय होना होगा. उन्होंने लोगों से अपील की कि अपना काम करते हुए जल-जीवन-हरियाली से जुड़ें.
जल-जीवन-हरियाली कार्यक्रम का मकसद पर्यावरण संरक्षण करना है. इसके लिए ठोस एक्शन प्लान (कार्ययोजना) तैयार किया जा रहा है, जिसे मिशन मोड में पूरे राज्य में लागू किया जायेगा. इसके लिए एक परामर्शदात्री समिति का गठन किया जा रहा है, जिसमें विपक्षी दल के सदस्यों के अलावा सभी स्तर के जनप्रतिनिधि शामिल होंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा समेत जिन नदियों में बाढ़ में पानी बहुत आ जाता है, उस पानी को बर्बाद नहीं करके सूखाग्रस्त इलाके में पहुंचाने की योजना है. गंगा के अतिरिक्त पानी को गया और राजगीर तक पहुंचाया जायेगा. राजगीर कुंड की स्थिति इस बार काफी भयावह हो गयी है.
सीएम के इस संबोधन का वेब-टेलीकास्ट के जरिये सभी जिलों, अनुमंडलों और प्रखंडों में लाइव प्रसारण कराया गया. उन्होंने सभी अधिकारियों के अलावा प्रखंड प्रमुख से लेकर मुखिया, सरपंच, जिला पार्षदों समेत तमाम त्रिस्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन का दुष्प्रभाव राज्य में साफ तौर पर देखने को मिल रहा है.
बादल आते हैं, लेकिन यहां थमते नहीं हैं. दूर चले जा रहे हैं. पहले 15 जून से बरसात शुरू हो जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होता. जेठ में पुरबइया हवा चल रही है और सावन में धूल उड़ रही है. कई जिलों में सूखे की स्थिति है, तो कई में 2017 की तरह फ्लैश फ्लड की स्थिति बन गयी है. हर जिले में मंत्री और अधिकारी को भेजकर जायजा लिया गया है. इस मसले पर विचार-विमर्श करने के लिए 18 अगस्त को फिर से सभी बैठक की जायेगी.
अभियान में ये कार्य होंगे
65 हजार तालाब व ढाई लाख कुओं का होगा जीर्णोद्धार
बाढ़ के समय गंगा के अतिरिक्त पानी को नवादा, गया, राजगीर में पहुंचाया जायेगा
सभी चापाकलों व कुआें के किनारे सोख्ता बनाये जायेंगे
हर सरकारी और निजी भवन पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगेगा.
निजी और सरकारी भवन पर लगेंगे सोलर पैनल
बड़े स्तर पर होगा पौधारोपण
बारिश के पानी को छत से जमीन में पहुंचाना होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के तहत बारिश के पानी को छत से जमीन के अंदर पहुंचाना होगा. भवनों पर सोलर पैनल लगाये जायेंगे. इससे पैदा होने वाली बिजली सीधे विभाग को दी जायेगी. इन दोनों की शुरुआत सभी सरकारी भवनों से होगी. साथ ही निजी भवनों पर भी इन्हें लगाने के लिए प्रेरित किया जायेगा. मौसम अनुकूल खेती को प्रोत्साहित करने की जरूरत है. ड्रॉप एरिगेशन से पटवन करने से जल की बचत होगी.
गीत के आधार पर आम लोगों को किया जागरूक : सीएम ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े गीत का उल्लेख करते हुए लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया. तुम याद करो, कैसे वन में खुले ठहाके भरते थे. पेड़ शेरों को डांटा करते थे, चिड़ियों से बातें करते थे. बादल से मोहब्बत है, तो पेड़ लगाओ जल के लिए. बच्चों से मोहब्बत है, तो पेड़ लगाओ कल के लिए.’’ आमों की चाहत है, तो पेड़ लगाओ… इस तरह के वाक्यों का उल्लेख करते हुए लोगों को पेड़ की जरूरत को समझाते हुए पौधारोपण के लिए प्रेरित किया.
सीएम का आदेश : विधि-व्यवस्था से लेकर सोशल मीडिया पर रखें खास नजर
पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 12 अगस्त को बकरीद के मद्देनजर विधि-व्यवस्था से लेकर सोशल मीडिया पर भी खासतौर से नजर रखने का आदेश सभी पुलिस अधिकारियों को दिया है.
सीएम ने शुक्रवार को अपने सरकारी आवास स्थित संकल्प में बकरीद को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. उन्होंने मुख्य सचिव और डीजीपी को खासतौर से कहा कि एहतियात के तौर पर सोशल मीडिया पर विशेष नजर रखें.
संवेदनशील वायरल वीडियो को लेकर भी सतर्क रहने और इस संबंध में समुचित कार्रवाई अनिवार्य रूप से तुरंत करने का निर्देश दिया. जिलों में भी सोशल मीडिया की मॉनीटरिंग एक टीम के माध्यम से करायी जाये.
सीएम ने कहा कि इस बार बकरीद के दिन ही सावन की अंतिम सोमवारी है. इसलिए विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है.
उन्होंने कहा कि विधि-व्यवस्था बनाये रखने के लिए थाना, अनुमंडल और जिला स्तर पर शांति समिति की बैठक जरूर करायी जाये. उन्होंने मुख्य सचिव दीपक कुमार और डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय को निर्देश दिया कि इसकी तैयारी को लेकर सभी जिलों के डीएम और एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर सभी अहम पहलुओं पर वस्तुस्थिति की समीक्षा कर लें.
इस बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, सीएम के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव अनुपम कुमार, एडीजी जितेंद्र सिंह गंगवार, जितेंद्र कुमार और अमित कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
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