पटना : आइआइटी बतायेगा बेहतर माहौल का आध्यात्मिक कनेक्शन
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :01 Aug 2019 7:59 AM (IST)
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अध्यात्म से अॉफिस में कैसे बनेगा बेहतर माहौल, बेस्ट पेपर के रूप में चुना गया, 120 देशों से आये थे पेपर रविशंकर उपाध्याय पटना : आइआइटी, पटना अब दुनिया को कार्यस्थल पर बेहतर माहौल तैयार करने में भारतीय अध्यात्म की भूमिका का महत्व बतायेगा. 9-13 अगस्त के बीच एकेडमी ऑफ मैनेजमेंट, बाॅस्टन यूएसए में आइआइटी […]
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अध्यात्म से अॉफिस में कैसे बनेगा बेहतर माहौल, बेस्ट पेपर के रूप में चुना गया, 120 देशों से आये थे पेपर
रविशंकर उपाध्याय
पटना : आइआइटी, पटना अब दुनिया को कार्यस्थल पर बेहतर माहौल तैयार करने में भारतीय अध्यात्म की भूमिका का महत्व बतायेगा. 9-13 अगस्त के बीच एकेडमी ऑफ मैनेजमेंट, बाॅस्टन यूएसए में आइआइटी के दो स्कॉलर डॉ ऋचा चौधरी और डाॅ मधुलता द्वारा तैयार रिसर्च पेपर चुना गया है.
अध्यात्म से अॉफिस में कैसे कटुता घटाते हुए बेहतर माहौल बनेगा? इस विषय पर तैयार रिसर्च पेपर को दुनिया के 120 देशों के पेपर में बेस्ट पेपर के रूप में चुना गया है. अध्यात्म की मदद लेते हुए योग और ध्यान से बेहतर माहौल कैसे तैयार किया जा सकता है, इस विषय पर आइआइटी पटना के अध्ययन के जरिये दुनिया के विभिन्न देशों से आये प्रतिनिधियों की उलझन खत्म की जायेगी.
आध्यात्मिक माहौल लागू करने से खत्म हो सकती है आपसी कटुता
आइआइटी की असिस्टेंट
प्रोफेसर डॉ ऋचा चौधरी कहती हैं कि कंपनियों में इसका क्या प्रयोग है
और उनके लिए कैसे हेल्प कर सकती है, इस पर रिसर्च में हमने फोकस किया है. हमने बताया है कि विभिन्न कंपनियां यदि अपने दफ्तर में अाध्यात्मिक माहौल को लागू करती है तो कर्मचारियों केअापसी मनमुटाव को आसानी से कम कर सकती है. अध्यात्म के प्रयोग से निगेटिव बिहैवियर दूर होगा. एचआर मैनेजर को कर्मचारियों के बीच ईमानदारी, न्याय, आदर और विश्वास का माहौल कायम करना चाहिए. इससे निगेटिविटी दूर होगी.
पेश किया रिसर्च
रिसर्च में बैंक, होटल, एकेडमिक, गवर्नमेंट जैसे कई संस्थानों से 1100 डाटा कलेक्ट कर पेश किया गया है. इस प्रतियोगिता में दस हजार से ज्यादा पेपर आते हैं. पिछले साल भी हमलोग यहां से गये थे. यह पूरे वर्ल्ड के मैनेजमेंट का बड़ा कॉन्फ्रेंस होता है. इसमें से दस फीसदी पेपर सेलेक्ट होते हैं. पांच-छह चरणों से गुजरते हुए इसका चयन किया गया है.
रिसर्च पेपर तैयार करने वाली ये दो लड़कियां
रिसर्च पेपर तैयार करने वाली असिस्टेंट प्रोफसर डॉ रिचा लखनऊ की रहने वाली हैं, जो आॅर्गनाइजेशनल बिहैवियर और एचआर से एमबीए की हुई हैं. पीएचडी आइआइटी रूड़की से किया है. दिसंबर 2015 से आइआइटी पटना में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं. वहीं, रिसर्च स्कॉलर डॉ मधुलता मधुबनी की रहने वाली हैं और पटना से स्कूलिंग की है, वीमेंस कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने साइकोलॉजी से पीजी भी किया. अभी आइआइटी पटना से पीएचडी कर रही हैं.
दुर्व्यवहार
– कर्मचारी एक्सपेरिएंस कर रहे हैं.
– कर्मचारी दूसरों के साथ कटुता होते देख रहे हैं.
– कर्मचारी खुद ही दूसरों को परेशान कर रहे हैं.
समाधान
– एचआर मैनेजर कर्मचारियों के बीच ईमानदारी से समान भाव रखें.
– सबके बीच न्याय, आदर और विश्वास की भावना कायम करें.
– परोपकार, उदारता, मानवतावाद, पारस्परिकता, जिम्मेदारी की सीख दें.
– ऑफिस में योग और ध्यान के लिए स्पेस दें.
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