पटना :डेढ़ दर्जन दुकानदारों से नाम पूछा और थमा दी धारा 107 की नोटिस
Updated at : 05 Apr 2019 9:23 AM (IST)
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श्रीकृष्णापुरी थाना के विवेकानंद मार्ग का मामला पटना : श्रीकृष्णापुरी थाना अंतर्गत विवेकानंद पथ व उसके आस पास की सड़कों के लगभग डेढ़ दर्जन छोटे दुकानदार परेशान हैं. उनकी परेशानी की वजह पटना सदर एसडीओ की चिट्ठी है, जिसमें उनको आइपीसी की धारा 107 के तहत नोटिस भेजी गयी है. इस चिट्ठी में लोकसभा चुनाव […]
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श्रीकृष्णापुरी थाना के विवेकानंद मार्ग का मामला
पटना : श्रीकृष्णापुरी थाना अंतर्गत विवेकानंद पथ व उसके आस पास की सड़कों के लगभग डेढ़ दर्जन छोटे दुकानदार परेशान हैं. उनकी परेशानी की वजह पटना सदर एसडीओ की चिट्ठी है, जिसमें उनको आइपीसी की धारा 107 के तहत नोटिस भेजी गयी है. इस चिट्ठी में लोकसभा चुनाव के दौरान उनके आचरण से लोक शांति भंग होने की आशंका जताते हुए बांड भरने का आदेश दिया गया है. दुकानदार आश्चर्यचकित हैं कि थाने में कोई मामला न होने या किसी तरह का विवाद नहीं होने के बावजूद उनको नोटिस क्यों दी गयी?
किराना से लेकर मिठाई दुकान : नोटिस पाने वाले सभी दुकानदार हैं.यह लोग किराना से लेकर सैलून, सब्जी, टेलिफोन बूथ, चाय-नाश्ता या मिठाई की दुकान चलाते हैं.
दुकानदारों ने बताया कि 24 मार्च को सादे ड्रेस में कुछ पुलिसकर्मी उनका नाम पूछ कर ले गये और एक अप्रैल को नोटिस थमा दी. नोटिस में गलत जानकारी दिये जाने की वजह से कई आरोपियों के पिता का नाम गलत अंकित है.
30 की नोटिस, 01 अप्रैल को थमायी : सदर एसडीओ की नोटिस में बताया गया है कि इन लोगों के द्वारा लोकसभा चुनाव के दौरान शांति एवं विधि व्यवस्था व्यवधान उत्पन्न करने की पूर्ण संभावना है. इसलिए तमाम सदस्य 30 मार्च को सदर एसडीओ के न्यायालय में उपस्थित होकर कारण पृच्छा दाखिल करें कि क्यों नहीं एक साल की अवधि तक शांति बनाये रखने के लिए एक लाख रुपये व इस राशि के बराबर दो प्रतिभूतियों के साथ धारा 116 (3) के तहत बांड पेपर दाखिल किया जाये. हालांकि दुकानदारों का कहना है कि उनको नोटिस एक अप्रैल को मिली.
साथ बांड पेपर पर साइन कराया : कई दुकानदारों को नोटिस रिसीव कराने के साथ ही धोखे से बांड पेपर पर भी साइन करा लिया गया. इसका पता तब चला जब आरोपी दुकानदार वकील के साथ नोटिस लेकर एसडीओ कार्यालय पहुंचे. वकील ने बताया कि उनका बांड पेपर पहले ही भरा जा चुका है.
क्या है धारा 107
अपराध करना या किसी को उसके लिए उकसाना. अपराध करने के लिए किसी षड्यंत्र में एक या एक से अधिक अन्य व्यक्ति या व्यक्तियों के साथ सम्मिलित होना. ऐसे काम किये जाने में अप्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष रूप से किसी की मदद करना.
परेशानी बताएं
डीएम कुमार रवि ने कहा कि अगर किसी को 107 की नोटिस मिली है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है. सदर एसडीओ से मिल कर अपनी बात रखें. उनकी समस्या का समाधान हो जायेगा.
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