पटना : रात को कितने लोग देखते हैं मोबाइल फोन आइजीआइएमएस करेगा शोध
Updated at : 14 Mar 2019 9:46 AM (IST)
विज्ञापन

पटना : रात को कितने लोग मोबाइल फोन पर चिपके रहते हैं और उनको क्या-क्या बीमारियां होती हैं. इस पर आइजीआइएमएस शोध करने जा रहा है. आइजीआइएमएस का दावा है कि संस्थान में ऐसे मरीज आते हैं जो मोबाइल के अधिक इस्तेमाल करने से अलग-अलग बीमारियों से ग्रस्त होते हैं. यह शोध बायोकेमेस्ट्री विभाग के […]
विज्ञापन
पटना : रात को कितने लोग मोबाइल फोन पर चिपके रहते हैं और उनको क्या-क्या बीमारियां होती हैं. इस पर आइजीआइएमएस शोध करने जा रहा है. आइजीआइएमएस का दावा है कि संस्थान में ऐसे मरीज आते हैं जो मोबाइल के अधिक इस्तेमाल करने से अलग-अलग बीमारियों से ग्रस्त होते हैं. यह शोध बायोकेमेस्ट्री विभाग के डॉ रोशन कुमार करेंगे.
दरअसल बुधवार को आइजीआइएमएस एथिकल कमेटी की बैठक आयोजित की गयी. इसमें जानकारी देते हुए एथिकल कमेटी के सचिव डॉ मनीष मंडल ने कहा कि 62 शोध पत्र आये थे जिसमें 30 फैकेलटी मेंबर, 27 सीनियर रेजीडेंट, तीन जूनियर रेजीडेंट और दो नर्सिंग कॉलेज से आये डॉक्टरों के शोध पत्र पास किये गये हैं. चार शोधपत्रों में कमियां मिलने पर रिजेक्ट किया गया है.
दो साल में पूरे करने हैं शोध: डॉ मनीष मंडल ने कहा कि मस्तिष्क ज्वर में कितने बच्चे ब्रेन टीबी के शिकार होते हैं इस पर शिशु रोग विभाग की डॉ स्वेता मुनी शोध करेंगी. 58 विषय पर शोध होंगे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




