पटना : दूध उत्पादन में बिहार जल्द टॉप थ्री राज्यों में होगा : नीतीश कुमार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :08 Feb 2019 7:19 AM (IST)
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47वीं डेयरी इंडस्ट्री कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार चाहती है कि बिहार दूध उत्पादन में जल्द-से-जल्द देश के टाॅप तीन राज्यों में शामिल हो. इंडियन डेयरी एसोसिएशन ने इस्टर्न जोन में दुग्ध उत्पादन में बिहार को अव्वल बताया है. सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र में गुरुवार को […]
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47वीं डेयरी इंडस्ट्री कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार चाहती है कि बिहार दूध उत्पादन में जल्द-से-जल्द देश के टाॅप तीन राज्यों में शामिल हो. इंडियन डेयरी एसोसिएशन ने इस्टर्न जोन में दुग्ध उत्पादन में बिहार को अव्वल बताया है.
सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र में गुरुवार को आयोजित 47वीं डेयरी इंडस्ट्री काॅन्फ्रेंस में सीएम ने इंडियन डेयरी एसोसिएशन से निवेदन किया कि इस्टर्न जोन का मुख्यालय बिहार को बनाया जाये. इससे डेयरी के क्षेत्र में अधिक काम हो सकेगा. ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए गाय के गोबर और गोमूत्र की जरूरत होगी. इससे किसानों की आमदनी दूध उत्पादन के मुकाबले दोगुनी हो जायेगी. मुख्यमंत्री ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए इंडियन डेयरी एसोसिएशन, नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड, नेशनल डेयरी डेवलपमेंट रिसर्च इंस्टीट्यूट करनाल से योजना बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि बिहार में पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी है और यहां पर पशु विज्ञान केंद्र बनाने के लिए काम किया जा रहा है.
अमेरिकी नोबेल विजेता ने बिहार के किसानों को बताया वैज्ञानिकों से अधिक समझदार
सीएम ने कहा कि बिहार में उत्पादित ऑर्गेनिक फार्मिंग द्वारा आलू और फूलगोभी का साइज व उसकी क्वालिटी दोनों की प्रशंसा पहले की जा चुकी है. अमेरिका के नोबेल पुरस्कार विजेता जोसेफ इंस्टुंग्लेट ने बिहारशरीफ के एक किसान द्वारा की जा रही जैविक खेती को देखा था. वहां के उत्पाद देख वह काफी प्रभावित हुए. तब उन्होंने कहा था कि बिहार के किसान कृषि वैज्ञानिकों से ज्यादा समझदार हैं.
दूध उत्पादन में बढ़ोतरी
नीतीश कुमार ने श्वेत क्रांति के जनक डॉ कुरियन को याद करते हुए कहा कि 2005 में जहां कॉम्फेड की ओर से चार लाख लीटर दूध प्रतिदिन आपूर्ति होती थी, वहीं दिसंबर 2018 तक यह पांच गुना बढ़कर 20.46 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है.
मिल्क पाउडर के निर्माण के लिए बिहारशरीफ में एक केंद्र को स्थापित किया गया है. प्रदेश में 22,700 दुग्ध सहकारी समितियां हैं, जिनसे 12 लाख लोग जुड़े हैं. इनमें ढाइ लाख महिलाएं हैं. इनसे और भी महिलाएं जुड़ें. उन्होंने अपनी योजनाओं की तारीफ करते हुए कहा कि इससे गांवों में रहने वालों को कारोबार में सहूलियत हो रही है. हमलोगों का उद्देश्य है कि किसान खेती के साथ पशुपालन, मत्स्यपालन भी बेहतर ढंग से करें, ताकि उनकी आमदनी बढ़े.
इस्टर्न जोन में दुग्ध उत्पादन में बिहार अव्वल
बेहतर काम के लिए दिया पुरस्कार
मुख्यमंत्री ने डेयरी के क्षेत्र में बेहतर काम करने के लिए पैट्रॉन अवार्ड, फेलोशिप अवार्ड, बेस्ट वुमेन डेयरी इंटरप्रेन्योरशिप अवार्ड और क्वालिटी मार्क अवार्ड से लोगों को सम्मानित किया. सीएम ने डेयरी से संबंधित लगायी गयी प्रदर्शनी को देखा.
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