बिहटा में 116 करोड़ की लागत से एफडीडीआइ का उद्घाटन

Updated at : 25 Dec 2018 9:37 AM (IST)
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बिहटा में 116 करोड़ की लागत से एफडीडीआइ का उद्घाटन

पटना/ बिहटा : प्रखंड के अमहरा आइआइटी कैंपस के समीप स्थित 115.95 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बिहार के पहले एफडीडीआइ (फुटवियर डिजायन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट) संस्थान का उद्घाटन सोमवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने किया. मौके पर मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि मंत्रालय […]

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पटना/ बिहटा : प्रखंड के अमहरा आइआइटी कैंपस के समीप स्थित 115.95 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बिहार के पहले एफडीडीआइ (फुटवियर डिजायन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट) संस्थान का उद्घाटन सोमवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने किया. मौके पर मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि मंत्रालय की जिम्मेदारी तीव्र आर्थिक विकास, रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना. अधिक निवेश लाना व अधिक प्रतिस्पर्धा के लिए निर्यात को बढ़ावा देना है.
देश में चमड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए इस उद्योग से जुड़े कारोबार के लिए सरकार द्वारा 2600 करोड़ रुपये का स्पेशल पैकेज दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बिहार राज्य का माहौल काफी बदला है आने वाले समय में बिहार विकसित राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान पर खड़ा होगा. उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहटा का इलाका नोएडा और गुड़गांव जैसा विकसित हो रहा है.
उन्होंने छात्रों का आह्वान करते हुए कहा कि वे फुटवियर के क्षेत्र में नये-नये अनुसंधान करें, ताकि ‘साल्व फाॅर बिहार’ और ‘साल्व फाॅर इंडिया’ के तहत इन क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान किया जा सके. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए बिहार सरकार ने नि:शुल्क 10 एकड़ जमीन उपलब्ध करवायी है. चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद आदि के बाद यह देश का 12 वां संस्थान है.
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यहां फुटवियर डिजाइन, प्रोडक्शन और फैशन डिजाइन के तीन व चार वर्षीय पाठ्यक्रम में प्रतिवर्ष 300 छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण ले सकेंगे. कटिंग, फिनिशिंग व कंप्यूटर आधारित डिजाइन के लिए यहां आधुनिक मशीन और उपकरण लगाये गये हैं. यहां भव्य भवन और परिसर के साथ छात्रावास का निर्माण भी कराया गया है.
मिलेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण
उन्होंने बताया कि उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की है कि यहां 14 करोड़ रुपये की लागत से ‘चर्म उद्योग में उत्कृष्टता व नवाचार’ को बढ़ावा देने के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सेलेंस’ की स्थापना की जायेगी. अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण देने के लिए संस्थान ने इंग्लैंड और इटली के प्रसिद्ध संस्थानों से समझौता किया है.
एक हजार से ज्यादा हो चुके हैं प्रशिक्षित
फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग व लेदर प्रोडक्ट के अल्पकालीन पाठ्यक्रम के तहत अभी तक यहां एक हजार से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है. बिहार में चमड़े की उपलब्धता को देखते हुए संस्थान का उद्देश्य फुटवियर व अन्य सामानों को तैयार करने के लिए लोगों को मैनेजर, सुपरवाइजर और कर्मकार के तौर पर प्रशिक्षित करना है. ऐसा कर यहां चमड़े पर आधारित उद्योग लगाया जा सकेगा.
मौके पर उपस्थित केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि आप चमड़ा के क्षेत्र में नये-नये अनुसंधान करने की सोच डालें. मौके पर एफडीडीआइ के प्रबंध निदेशक अरुण कुमार सिन्हा, कैंपस इंचार्ज संजीव कुमार मिश्रा, रूपाश्री सहित बड़ी संख्या में संकायों एवं संस्थान से जुड़े लोग सहित स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित थे.
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