#BIHAR : कहीं भी बैठकर पुलिस में दर्ज करायी जा सकेगी शिकायत

पटना : बिहार पुलिस को डिजिटल प्लेटफाॅर्म पर लाने की कवायद शुरू हो गयी है. सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम) के तहत सरकार के स्तर से तैयारियों को अंजाम दिया जा रहा है. टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) को इसकी जिम्मेदारी दी गयी है. पहले चरण में पटना और नालंदा में काम पूरा करना […]
सितंबर 2019 तक पूरे प्रदेश में काम को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. उम्मीद जतायी जा रही है कि अप्रैल से पटना और नालंदा जिलों के थानों में सारे काम को ऑनलाइन अंजाम दिया जायेगा. थानों में मैनुअली काम बंद हो जायेंगे. कोर्ट, जेल से लेकर पूरे प्रदेश के थानों का डाटा लिंक रहेगा.
आईजी प्रोविजन डॉ कमल किशोर सिंह ने बताया कि इसका सीधे तौर पर लाभ बिहार की जनता को भी मिलेगा. पुलिस की पूरी कार्यप्रणाली ऑनलाइन हो जायेगी. घर बैठे फरियादी शिकायत दर्ज करा सकेंगे. इसके अलावा देश के किसी भी राज्य की पुलिस ऑनलाइन केसों की जानकारी कर सकेगी. समय की बचत होगी. दूसरी ओर, टीसीएस के विशेषज्ञ बिहार पुलिस को सूचना क्रांति की बारीकियां सिखायेंगे. प्रदेश के 35 हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करने की योजना है. इसमें सिपाही से एसपी स्तर तक के स्टाफ होंगे.
सीसीटीएनएस की कवायद वर्ष 2009 से शुरू हुई थी. मंशा थी कि देश के सभी राज्यों के थाने एक-दूसरे से डिजिटल प्लेटफाॅर्म पर जुड़े रहें. वर्ष 2012 में इसकी शुरुआत भागलपुर और पटना से करने की योजना बनी. इसके लिए वयमटेक कंपनी को चुना गया. बाद में कुछ खामियों के कारण वर्ष 2014 में इस कंपनी से करार रद्द कर दिया गया. आईजी प्रोविजन डॉ कमल किशोर सिंह ने बताया कि 2015 में फिर से पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू की. इसके लिए चार बार टेंडर किया गया. लेकिन, किसी कंपनी ने दिलचस्पी नहीं दिखायी.
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