पटना : नालंदा व विक्रमशिला जैसे संस्थानों को लाना जरूरी : वर्मा
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
Updated:
विज्ञापन
पटना : बिहार शुरू से ही शिक्षा का गढ़ रहा है. नालंदा यूनिवर्सिटी, विक्रमशिला विश्वविद्यालय के साथ पहले तक्षशिला भी मगध का क्षेत्र रहा था. इस जैसे शिक्षण केंद्रों को पुन: याद करने की जरूरत है. उनकी गुणवत्ता के करीब आज के शैक्षणिक संस्थानों को लाना ही पुनरूत्थान है. ये बातें शुक्रवार को ज्ञान भवन […]
विज्ञापन
पटना : बिहार शुरू से ही शिक्षा का गढ़ रहा है. नालंदा यूनिवर्सिटी, विक्रमशिला विश्वविद्यालय के साथ पहले तक्षशिला भी मगध का क्षेत्र रहा था. इस जैसे शिक्षण केंद्रों को पुन: याद करने की जरूरत है. उनकी गुणवत्ता के करीब आज के शैक्षणिक संस्थानों को लाना ही पुनरूत्थान है. ये बातें शुक्रवार को ज्ञान भवन में शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन प्रसाद वर्मा ने कही. वह राष्ट्रीय समाज विज्ञान परिषद नयी दिल्ली और पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी द्वारा ‘समाज विज्ञान व राष्ट्रीय पुनरूत्थान’ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन कर रहे थे. उन्होंने कहा कि शिक्षा के संदर्भ में कहा कि आज भी हम पश्चिमी सभ्यता की तरफ दौड़ कर जाते हैं, जबकि जरूरत है अपनी सभ्यता को मजबूत करने की, शोध करने की.
स्टूडेंट्स को तकनीकी से भी हाथ मिला कर चलना पड़ेगा. प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय संयोजक जे नंद कुमार ने कहा कि समाज विज्ञान के पाठ्यक्रमों को पुन: समीक्षित करने की जरूरत है. राष्ट्रीय समाज विज्ञान परिषद के संरक्षक प्रो पीवी कृष्ण भट्ट ने कहा कि परिवेशगत अनुकूल ही पुनरूत्थान है. अतिथियों का स्वागत कुलपति ने , धन्यवाद ज्ञापन प्रतिकुलपति प्रो जीके चौधरी ने किया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










