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पटना : थक-हार कर रेस्क्यू ऑपरेशन बंद, नहीं मिला दीपक, परिवार शहर छोड़ चला गया गांव

Updated at : 26 Nov 2018 4:51 AM (IST)
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पटना : थक-हार कर रेस्क्यू ऑपरेशन बंद, नहीं मिला दीपक, परिवार शहर छोड़ चला गया गांव

17 नवंबर को नाले में गिरकर लापता हो गया था बच्चा, तलाश में नौ दिन चला अभियान पटना : 17 नवंबर को नाले में गिरकर लापता हुए 10 वर्षीय बच्चे दीपक के लिए चल रहे सर्च ऑपरेशन को रविवार को रोक दिया गया. लगातार नौ दिन चले ऑपरेशन में कुछ भी सुराग नहीं मिलने के […]

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17 नवंबर को नाले में गिरकर लापता हो गया था बच्चा, तलाश में नौ दिन चला अभियान
पटना : 17 नवंबर को नाले में गिरकर लापता हुए 10 वर्षीय बच्चे दीपक के लिए चल रहे सर्च ऑपरेशन को रविवार को रोक दिया गया. लगातार नौ दिन चले ऑपरेशन में कुछ भी सुराग नहीं मिलने के बाद यह निर्णय लिया गया. ऑपरेशन के दौरान नाले की सफाई से लेकर सड़क तोड़ने तक की कवायद की गयी, लेकिन बच्चे की तलाश केवल अंधेरे में हाथ-पांव मारने जैसी ही रही. रेस्क्यू ऑपरेशन बंद होने के बाद अब निगम प्रशासन नाले की सफाई व तोड़े गये नाले को दुरुस्त करने में जुट गया है.
नाला दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू : एसके पुरी के राजेश पथ में तीन जगहों पर तोड़े गये नाले को ढकने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. अगले दो-तीन दिनों में नाले को ढक दिया जायेगा. मोहनपुर संप हाउस के आउट फॉल चेंबर से निकले नाले में रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया गया है. अब नाले की सफाई पर जोर दिया जा रहा है. सोमवार से दुबारा नाले की सफाई की जायेगी. आनंदपुरी नाले तक सफाई की जायेगी.
मैनहोल व चेंबर ढकने का एक्शन प्लान तैयार
संप हाउस के आउट फॉल चेंबर में गिरे 10 वर्षीय बालक दीपक के लापता हुए नौ दिन हो गये. अब तक कोई सुराग नहीं मिला है. अंतत: इस दुर्घटना के बाद मुख्यमंत्री ने नगर आवास विकास विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ निगम अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि 30 दिसंबर तक खुले मैनहोल व कैचपीट को ढकना सुनिश्चित करें.
इस निर्देश के बाद नगर आयुक्त अनुपम कुमार सुमन ने तत्काल अधिकारियों के साथ बैठक की. खुले मैनहोल व कैचपीट को ढकने को लेकर एक्शन प्लान बना दिया गया है. 30 दिसंबर तक एक्शन प्लान को प्रभावी करना है. एक्शन प्लान में साफ किया गया है कि 30 दिसंबर के बाद अगर कोई मैनहोल क्षतिग्रस्त होता है तो उसे हर हाल में 24 घंटे में बदला जायेगा.
मांग के अनुरूप अंचलों में आपूर्ति करेंगी एजेंसी
नगर आयुक्त ने एक्शन प्लान के तहत चारों अंचल के कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया है कि पहले चरण में अपने-अपने क्षेत्रों में खुले मैनहोल व कैचपीट के ढक्कन की मांग बांकीपुर अंचल के कार्यपालक अभियंता से करेंगे, जो मांग के अनुरूप अंचल में आपूर्ति सुनिश्चित करायेंगे. इसके बाद चयनित एजेंसी के पास हमेशा मैनहोल व कैचपीट के ढक्कन तैयार रहेगा, जहां से शीघ्र अंचलों को आपूर्ति की जा सकेगी. निगम क्षेत्र में शत-प्रतिशत मैनहोल व कैचपीट ढकने के बाद ढक्कन क्षतिग्रस्त व टूटता है, तो 24 घंटे के अंदर बदला जायेगा.
अब साल भर होगी नाले की सफाई
निगम क्षेत्र में मॉनसून से पहले दो-तीन माह ही नाले की सफाई की जा रही थी. ताकि, मॉनसून के दौरान जलजमाव की समस्या नहीं हो सके.
इसका कारण निगम के पास संसाधनों की कमी के साथ-साथ उपकरणों का भी अभाव था और किराये के वाहनों व उपकरणों से नाले की सफाई की जा रही थी. लेकिन, अब वर्ष भर नाले की सफाई की कार्ययोजना तैयार की जा रही है.
सफाई के लिए दो पोकलेन, छह जेसीबी, 75 छोटे जेसीबी की खरीदारी कर ली गयी है. वहीं, चार डिसेल्टिंग मशीन की खरीदारी को लेकर चयनित एजेंसी को वर्क ऑर्डर दे दिया गया है, जो एक से डेढ़ माह के भीतर आपूर्ति सुनिश्चित कर देगी. साथ ही अंचल स्तर पर सफाई मजदूरों की भी नियुक्ति की जा रही है. ताकि, दो-तीन माह ही नहीं सालों भर नाले की सफाई सुनिश्चित की जा सके.
डेडिकेटेड एजेंसी ही बनायेगी ढक्कन नगर निगम के चारों अंचलों में 30 हजार से
अधिक मैनहोल और 20 हजार के करीब कैचपीट है. इसमें एक हजार से अधिक मैनहोल और सात सौ से अधिक कैचपीट के ढक्कन खुले हैं. इनमें सबसे कम बांकीपुर अंचल क्षेत्र में खुले मैनहोल व कैचपीट है. नगर आयुक्त ने बांकीपुर अंचल के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया है कि डेडिकेटेड एजेंसी चयनित करें, जो सिर्फ मैनहोल व कैचपीट के ढक्कन को बनायेगा. एक सप्ताह के भीतर डेडिकेटेड एजेंसी का चयन कर लिया जायेगा.
जाली से ढके जायेंगे खुले ड्रेनेज
निगम क्षेत्र में संप हाउसों की संख्या 37 के करीब हैं, जिसमें 26 संप हाउस के बाउंड्री व ड्रेनेज क्षतिग्रस्त हैं. इन संप हाउसों के क्षतिग्रस्त बाउंड्री को दुरुस्त किया जायेगा. साथ ही जाली से ड्रेनेज नाले को ढकने की व्यवस्था की जायेगी. निगम व बिहार राज्य जल पर्षद के अभियंता समन्वय बना कर क्षतिग्रस्त बाउंड्री व ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करेंगे.
दीपक का परिवार रविवार को शहर छोड़ चला गया गांव
बेशक दीपक की तलाश में चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया है, लेकिन उसके परिजनों खासतौर पर उसकी मां की पथरायी आंखों में दीपक की तलाश जारी है. रेस्क्यू ऑपरेशन बंद होने के बाद प्रभात खबर प्रतिनिधि दीपक के घर पहुंचा. पता चला कि समूचा परिवार रविवार की सुबह ही अपने गांव चला गया है. दीपक के पड़ोसियों ने बताया कि उसके परिवार खासतौर पर उसकी मां की आखों में अपने चिराग के मिलने की उम्मीद अभी बाकी है.
पड़ोसियों के मुताबिक मुआवजा मिलने के बाद भी दीपक का परिवार चाहता है कि दीपक की तलाश जारी रखी जाये. पड़ोसियों के मुताबिक उसकी खोज में प्रशासन ने लापरवाही बरती है. आखिर क्या बात है कि महीनों पहले मरे जानवर रेस्क्यू ऑपरेशन में मिल गये, लेकिन दीपक नहीं मिला.
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