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पटना : हॉस्टल के लिए साक्षात्कार में नहीं आये कई छात्र, कमरे खाली

Updated at : 05 Oct 2018 8:23 AM (IST)
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पटना : हॉस्टल के लिए साक्षात्कार में नहीं आये कई छात्र, कमरे खाली

फिर निकाली जायेगी साक्षात्कार की तिथि पटना : पटना विश्वविद्यालय में छात्रावास आवंटन के लिए आयोजित साक्षात्कार में अधिकांश छात्र उपस्थित नहीं हुए. इस वजह से छात्रावासों में कई कमरे खाली रह गये हैं. साक्षात्कार समाप्त हो चुके हैं. अब एलॉटमेंट की प्रक्रिया शुरू होने वाली है. हालांकि पूर्ण रूप से छात्रावासों के कमरे एलॉट […]

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फिर निकाली जायेगी साक्षात्कार की तिथि
पटना : पटना विश्वविद्यालय में छात्रावास आवंटन के लिए आयोजित साक्षात्कार में अधिकांश छात्र उपस्थित नहीं हुए. इस वजह से छात्रावासों में कई कमरे खाली रह गये हैं. साक्षात्कार समाप्त हो चुके हैं. अब एलॉटमेंट की प्रक्रिया शुरू होने वाली है. हालांकि पूर्ण रूप से छात्रावासों के कमरे एलॉट होने के आसार नहीं दिख रहे हैं. विवि 11 व 12 अक्तूबर को एक बार फिर से साक्षात्कार करने की सोच रही है.
दूसरे के नाम से कमरे एलॉट कर रहते थे अवैध लोग, असली हकदार बाहर
कमरा आवंटन के लिए साक्षात्कार में छात्र क्यों नहीं आये, इसके पीछे कई तरह के कारण बताये जा रहे हैं. जिसमें मुख्य यह है कि कुछ अ‌वैध लोग दूसरे छात्रों के साथ मिलीभगत से उनके नाम पर आवेदन करके हॉस्टल एलॉट करवा लेते हैं.
चूंकि हॉस्टलों को कोई देखने वाला होता नहीं है तो ये छात्र आराम से रहते हैं. गार्ड को इतनी हिम्मत नहीं होती कि इन अवैध रूप से रह रहे लोगों से उलझे. वहीं आम छात्रों भी लफड़े से बचने के लिए चुप ही रहते हैं. अगर कोई छात्र शिकायत करता है तो उसके साथ क्या होता है यह बताने की जरूरत नहीं.
बाहर रहने को मजबूर थे विवि के छात्र : हॉस्टलों की स्थिति ऐसी थी कि इसके असली हकदार छात्र बाहर रहने को मजबूर थे जबकि कुछ अवैध लोग दबंगई दिखाकर इसको अपना बसेरा बनाये हुए थे.
चूंकि हॉस्टल अधीक्षक भी हॉस्टलों में रहते नहीं थे और न ही कोई देखने वाला था. अब चूंकि हाइकोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया और विवि प्रशासन के साथ जिला प्रशासन सजग हुई तो इसे सख्ती से खाली कराया गया.
इसी का परिणाम यह था कि एक हॉस्टल के 22 कमरों में 20 में अवैध छात्र या लोग रह रहे थे. हॉस्टलों में जांच के बाद वहां रह रहे अवैध छात्रों की संख्या से एक बात तो स्पष्ट हो गयी कि यहां व्यवस्था काफी लचर थी. दोबारा यही स्थिति नहीं हो जाये, इसको लेकर इस बार पीयू प्रशासन ने हॉस्टलों के लिए एक विशेष कमेटी बना दी है.
जिसमें कॉलेज व विवि के प्रतिनिधियों के साथ हॉस्टल सुपरिटेंडेंट को भी शामिल किया गया है. सुपरिटेंडेंट की बहाली को लेकर नोटिस निकाली जा चुकी है. सुपरिटेंडेंट के लिए इच्छुक शिक्षकों से आवेदन मांगे गये हैं. कमेटी के लोग विवि के छात्रों को मेरिट व जरूरत के आधार पर हॉस्टल मुहैया करा रहे हैं और इसके लिए बाकायदा छात्रों को उनके समक्ष उपस्थित होना पड़ रहा है.
विवि प्रशासन की मानें तो कुछ छात्र जिन्होंने किसी और के लिए फॉर्म भरा है, वे सामने नहीं आना चाहते, क्योंकि जब उनके कमरे में छापेमारी होगी और अगर कोई दूसरा पकड़ा जाता है तो फिर उक्त छात्र की पेशी होगी और कार्रवाई के तहत उसे कॉलेज से भी निकाला जा सकता है.
हॉस्टल के खाली कमरों को करेंगे सील
साक्षात्कार में कुछ छात्र उपस्थित नहीं हुए हैं. शायद सख्ती की वजह से कुछ छात्र कमेटी के समक्ष नहीं आये. संभवत: 11 व 12 अक्तूबर को एक बार फिर से छात्रावासों के एलॉटमेंट के लिए साक्षात्कार आयोजित होगा.
इसके बाद फाइनल सूची जारी कर दी जायेगी. हालांकि 6 अक्तूबर को वर्तमान एलॉटमेंट सूची कोर्ट के समक्ष रख दी जायेगी. जो कमरे खाली रहे जायेंगे. उन्हें विवि सील कर देगी. अगर किसी ने इससे छेड़छाड़ की तो कार्रवाई करेंगे.
– प्रो एनके झा, स्टूडेंट्स वेलफेयर डीन, पीयू
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