पटना : पीएमसीएच में हड़ताल खत्म, इधर फिर मारपीट, डॉक्टर के हाथ की टूटी अंगुली

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 28 Sep 2018 8:28 AM

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पीएमसीएच के राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक में डॉक्टर के साथ झगड़ा पटना : पटना मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर और परिजनों के बीच मारपीट का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. पांच दिन पहले ही अभी शिशु वार्ड में जूनियर डॉक्टर और मरीज के परिजनों के बीच मारपीट हुई, इसके बाद जूनियर डॉक्टरों ने […]

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पीएमसीएच के राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक में डॉक्टर के साथ झगड़ा
पटना : पटना मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर और परिजनों के बीच मारपीट का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. पांच दिन पहले ही अभी शिशु वार्ड में जूनियर डॉक्टर और मरीज के परिजनों के बीच मारपीट हुई, इसके बाद जूनियर डॉक्टरों ने तीन दिन की हड़ताल कर दी. मामला अभी थमा भी नहीं था कि गुरुवार को फिर से डॉ प्रियरंजन नाम के एक जूनियर डॉक्टर व मरीज के परिजन के बीच मारपीट हो गयी. मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर पुलिस पहुंच गयी. घटना से अफरा-तफरी का माहौल था.
डॉक्टर की टूटी अंगुली, परिजन भी चोटिल : अस्पताल प्रशासन की मानें, तो गुरुवार को सर्जरी वार्ड में तैनात डॉ प्रियरंजन राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक के आईजे वार्ड में राउंड लगाने के लिए जा रहे थे. इस दौरान मरीज का एक परिजन बेड पर सोया हुआ था. डॉ प्रियरंजन ने मरीज को बेड खाली करने को कहा और उस मरीज पर दूसरे मरीज को शिफ्ट करने की बात कही. लेकिन मरीज ने बेड नहीं खाली किया. नतीजा नौबत मारपीट पर आ गयी.
मारपीट में डॉक्टर के एक हाथ की उंगली टूट गयी है. इधर मरीज के परिजनों का कहना है कि डॉक्टर ने आक्रोशित व गाली-गलौज के साथ बेड खाली करने को कहा. धक्का भी दे दिया. नतीजा बाद में परिजन का भी सब्र का बांध टूट गया और दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गयी. परिजन के चेहरे पर भी मारपीट का निशान है.
अधीक्षक कार्यालय पहुंचे जूनियर डॉक्टर
जूनियर डॉक्टर प्रियरंजन के पीटे जाने के बाद एकजुट होकर पीएमसीएच के सभी जूनियर डॉक्टर प्रिंसिपल व अधीक्षक कार्यालय पहुंच गये. कार्यालय के सामने ही जूनियर डॉक्टर आक्रोशित होकर नारेबाजी करने लगे. नाराज डॉक्टर तुरंत सुरक्षा की मांग करने लगे और सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाने को कहा. बढ़ते हंगामे के बीच अधीक्षक व प्रिंसिपल मौके पर पहुंचे.
आश्वासन देने के बाद मामला
शांत कराया. जूनियर डॉक्टर आक्रोशित होकर रणनीति बनाते हुए देखे गये. हाल ही में जूनियर डॉक्टरों ने तीन दिन का हड़ताल की थी, जिससे 23 मरीजों की माैत हो गयी थी.
क्या कहते हैं अधीक्षक
अस्पताल प्रशासन ने मारपीट करने वाले परिजन को पुलिस के हवाले कर दिया है. वहीं मामले की जांच करायी जा रही है.
पटना : रात भर परेशान रहे मरीज, सुबह मिली राहत
पटना : पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में तीन दिन की हड़ताल के बाद गुरुवार की सुबह सात बजे जूनियर डॉक्टरों ने अपना कार्यभार संभाल लिया. इसके बाद मरीजों ने राहत की सांस ली. हालांकि इससे पहले बुधवार की रात मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. हड़ताल की वजह से पूरी रात सीनियर डॉक्टर के बदौलत इमरजेंसी, राजेंद्र सर्जिकल, हथुआ, टाटा आदि सभी वार्ड संचालित हुआ. मरीजों की संख्या अधिक व डॉक्टरों की संख्या कम होने के कारण कई मरीजों का सही तरीके से इलाज नहीं हो सका.
इलाज के लिए घंटों इंतजार
बुधवार की रात सबसे अधिक परेशानी सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग व राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक में हुई. सर्जरी वार्ड में भर्ती मरीज के परिजन डॉक्टर का चक्कर लगाते रह गये. इन वार्ड में एक सीनियर डॉक्टर के साथ तीन-चार जूनियर डॉक्टरों को लगाया जाता है, लेकिन हड़ताल के कारण वार्ड सीनियर डॉक्टरों के सहारे ही रहे.
इमरजेंसी ब्लॉक के दो वार्ड और एक सर्जिकल आईसीयू में डॉक्टरों की संख्या काफी कम थी. दोपहर तक सर्जिकल आईसीयू बिना जूनियर डॉक्टर के रही. आईसीयू, एचडीयू और जेनेटिक वार्ड भी सीनियर डॉक्टर के सहारे था. मेडिसिन, सर्जरी, आर्थोपेडिक आदि वार्डों की भी यही स्थिति थी.
इंजेक्शन लगवाने, दवा देने और स्लाइन चढ़ाने जैसे काम के लिए भी मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा, लेकिन गुरुवार की सुबह जूनियर डॉक्टरों के काम पर लौटने के बाद स्थिति संभली और मरीजों ने राहत की सांस ली.
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