गर्भाशय घोटाला : पटना हाईकोर्ट का आदेश, पीड़िताओं को डेढ़ माह के अंदर मुआवजा दे सरकार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :26 Sep 2018 7:38 AM (IST)
विज्ञापन

पटना : राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा की राशि हड़पने के लिए अवैध रूप से महिलाओं का गर्भाशय निकाले जाने की घटना को पटना हाईकोर्ट ने शर्मनाक बताया है. कोर्ट ने कहा कि सरकार पीड़ित महिलाओं को छह सप्ताह के अंदर उचित मुआवजा दे. इस स्कीम के तहत 20 से 40 साल तक की महिलाओं को ढाई […]
विज्ञापन
पटना : राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा की राशि हड़पने के लिए अवैध रूप से महिलाओं का गर्भाशय निकाले जाने की घटना को पटना हाईकोर्ट ने शर्मनाक बताया है. कोर्ट ने कहा कि सरकार पीड़ित महिलाओं को छह सप्ताह के अंदर उचित मुआवजा दे. इस स्कीम के तहत 20 से 40 साल तक की महिलाओं को ढाई लाख और 40 साल से ऊपर की महिलाओं को डेढ़ लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है. साथ ही कोर्ट ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को निर्देश दिया कि वह वैसे नर्सिंग होम और डॉक्टर का लाइसेंस रद्द करे, जिसके सहयोग से अवैध रूप से महिलाओं का गर्भाशय निकाला गया.
यह निर्देश मुख्य न्यायाधीश मुकेश आर शाह और न्यायाधीश आशुतोष कुमार की खंडपीठ ने वेटरन फोरम की ओर से दायर लोकहित पर सुनवाई करते हुए दिया है. गौरतलब है कि 2012 में इस घोटाले का खुलासा हुआ था. 2012 में मीडिया के माध्यम से इस बात का खुलासा हुआ था कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा का फायदा लेने के लिए कुछ संस्थानों ने महिलाओं का गर्भाशय उनकी बिना सहमति के निकाल लिया था. शुरुआत में मानवाधिकार आयोग ने इस मामले में नोटिस लेते हुए पीड़ित महिलाओं को मुआवजा दिलाने की पहल की थी. बाद में राज्य सरकार ने पीड़ित महिलाओं को मात्र 50-50 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की.
राज्य सरकार के उस फैसले को वेटरंस फोरम नाम की एक संस्था ने हाईकोर्ट में लोकहित याचिका दायर कर चुनौती दी. हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह छह सप्ताह में अनुसंधान पूरा कर दोषियों के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में दायर करें.
याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को अधिवक्ता दीनू कुमार और रितिका रानी ने बताया कि 540 महिलाओं की जांच के बाद इसकी जानकारी मिली थी, जबकि राज्य में 27,511 महिलाओं का गर्भाशय निकाला गया था.
जांच रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ है की गर्भाशय निकाल कर जिनके नाम पर राशि हड़पी गयी, उनमें पुरुषों के नाम भी शामिल हैं. जांच में जमुई में डीएम ने बताया कि गड़बड़ियों का आलम यह रहा कि जमुई के 82 पुरुषों के नामों पर इस योजना का लाभ उठा लिया गया है. इसी प्रकार अरवल के दो पुरुषों के नामों पर लाभ ले लिया गया. अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




