भारत बंद का असर : 50% ही मरीज पहुंचे अस्पतालों में
Updated at : 11 Sep 2018 6:23 AM (IST)
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पटना : भारत बंद का असर अस्पतालों पर भी देखने को मिला. शहर के सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में सन्नाटा छाया रहा. वाहन नहीं मिलने से परेशान मरीज घर से इलाज कराने नहीं निकले. बंद का असर सबसे अधिक शहर के पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल और इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में देखने को मिला. […]
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पटना : भारत बंद का असर अस्पतालों पर भी देखने को मिला. शहर के सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में सन्नाटा छाया रहा. वाहन नहीं मिलने से परेशान मरीज घर से इलाज कराने नहीं निकले. बंद का असर सबसे अधिक शहर के पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल और इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में देखने को मिला.
दोनों ही अस्पतालों के ओपीडी में मरीजों की जबरदस्त कमी देखने को मिली. बंद की वजह से 50 प्रतिशत मरीज इलाज कराने नहीं पहुंचे. पीएमसीएच में रोजाना 2000 से 2100 मरीज ओपीडी में इलाज कराने आते हैं. लेकिन, बंदी की वजह से 1000 मरीज ही इलाज कराने पहुंचे. यही स्थिति आईजीआईएमएस व गार्डिनर अस्पताल में भी दिखी.
इमरजेंसी वार्ड में रहा अलर्ट : भारत बंद को लेकर पीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड को अलर्ट किया गया था. 10 बेड सुरक्षित रखे गये थे. हालांकि, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बंद की वजह से ऐसा कोई घायल मरीज इमरजेंसी में नहीं आया.
लेकिन, देर रात तक इमरजेंसी वार्ड के डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया गया था. इमरजेंसी में बेड सुरक्षित होने के साथ ही दवाएं भी उपलब्ध करा दी गयी थी. ताकि, मरीजों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो.
दवा कारोबार पर भी असर : भारत बंद का असर दवा के कारोबार पर भी देखने को मिला. बड़ी दवा मंडी गोविंद मित्रा रोड में सुबह 11 बजे से सभी दुकानें खुली, लेकिन दोपहर 1 बजे तक खरीदार नहीं पहुंचे, तो 1 बजे तक 40 प्रतिशत दुकानें बंद हो गयी.
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