12 करोड़ की आबादी में सिर्फ एक हजार लोगों ने भरा अंगदान के लिए फॉर्म

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 13 Aug 2018 9:37 AM

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आनंद तिवारी पटना : मृत्यु के बाद अंगदान करने के मामले में अन्य राज्यों की अपेक्षा बिहार काफी पिछड़ा हुआ है. नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन की मानें, तो बिहार के बड़े सरकारी अस्पतालों में मरणोपरांत अंगदान की रिपोर्ट नहीं आयी है. इतना ही नहीं किसी व्यक्ति को ब्रेन डेड घोषित करने के लिए […]

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आनंद तिवारी
पटना : मृत्यु के बाद अंगदान करने के मामले में अन्य राज्यों की अपेक्षा बिहार काफी पिछड़ा हुआ है. नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन की मानें, तो बिहार के बड़े सरकारी अस्पतालों में मरणोपरांत अंगदान की रिपोर्ट नहीं आयी है. इतना ही नहीं किसी व्यक्ति को ब्रेन डेड घोषित करने के लिए जरूरी कमेटियों के गठन की प्रक्रिया भी कागजों पर चल रही है. इसके उलट दक्षिण भारत के राज्यों में अंगदान को लेकर स्थिति बेहतर है.
दक्षिण भारत में अंगदान का रुझान ज्यादा
पेट रोग विशेषज्ञ डॉ मनोज कुमार ने बताया कि दधीचि देहदान समिति के गठन के बाद बिहार में अंगदान में इजाफा हुआ है. लेकिन उतर भारत के मुकाबले दक्षिण भारत में मरणोपरांत अंगदान करने का रुझान तेजी बढ़ रहा है. बिहार, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश में मरने के बाद अंगदान करने वालों में पिछले दो साल में तेजी से इजाफा हुआ है. इन राज्यों की अंगदान करने में 25 से 35 फीसदी भागीदारी पहुंच गयी है. अब दिल्ली, राजस्थान व उत्तरप्रदेश में अंगदान का प्रचलन बढ़ने लगा है.
अंग के अभाव में दम तोड़ रहे मरीज
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ श्रवण कुमार ने बताया कि पिछले दो साल में अंगदान को लेकर बिहार में जागरूकता आयी है. लेकिन वर्तमान समय में और जागरूकता लाने की जरूरत है. डॉ श्रवण ने कहा कि बिहार सहित पूरे भारत में हर साल 5 लाख लोग अंग न मिलने की वजह से दम तोड़ रहे हैं. इनमें 2 लाख लिवर रोगी व 50 हजार हृदय रोगी शामिल हैं. वर्तमान में देश में दो लाख लोगों को किडनी प्रत्यारोपण का इंतजार है, जबकि केवल 7500 लोगों को यह नसीब हो पा रही है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश में रोजाना 6 हजार लोग व हर 17 मिनट में एक मरीज अंग प्रत्यारोपण के इंतजार में मर रहा है. हर 13 मिनट में अंग लेने के लिए एक मरीज वेटिंग लिस्ट में शामिल हो रहा है.
अंगदान दिवस पर 1000 लोग लेंगे नेत्रदान, अंगदान का संकल्प
अंगदान दिवस पर आयोजित ‘संकल्प महोत्सव’ में एक हजार लोग नेत्रदान-अंगदान तथा 150 लोग देहदान का संकल्प लेंगे. इस मौके पर वेबसाइट और ऑनलाइन संकल्प पत्र भरने का शुभारंभ किया जायेगा.
समिति के सचिव विमल जैन ने बताया कि रवींद्र भवन में 13 अगस्त को अपराह्न एक बजे से आयोजित ‘संकल्प महोत्सव’ में दधीचि देहदान समिति के संरक्षक व दिल्ली विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष आलोक कुमार, मेघालय के राज्यपाल गंगा प्रसाद, केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे तथा राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय भाग लेंगे.
अब तक दो लोगों द्वारा ही किया गया है देहदान
पटना सहित पूरे बिहार में अब तक सिर्फ 1000 लोगों ने ही अंगदान के लिए फॉर्म भरा है. 300 लोगों ने पूर्ण शरीर दान देने के लिए फॉर्म भरा है. बिहार की आबादी 12 करोड़ है. दधीचि देहदान समिति के प्रयासों से एक हजार लोगों ने अंगदान और दो लोगों ने देहदान किया है. जिन दो लोगों ने देहदान दिया है, वे स्व विश्वनाथ राम और दूसरे नालंदा के रहने वाले बंगाली प्रसाद हैं.
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