अब एसडीओ के कैरियर का आधार बनेगा पीडीएस का संचालन : सीएम

Updated at : 01 Aug 2018 4:13 AM (IST)
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अब एसडीओ के कैरियर का आधार बनेगा पीडीएस का संचालन : सीएम

पटना : जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) के संचालन में अनुमंडल पदाधिकारियों (एसडीओ) की बड़ी भूमिका है. उनका वार्षिक गोपनीय अभियुक्ति (एसीआर) का आधार जनवितरण प्रणाली के काम पर निर्धारित होगा. उक्त बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहीं. वे मंगलवार को खाद्य व उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा नये राशन कार्ड व दुकान का लाइसेंस निर्गत किये जाने […]

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पटना : जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) के संचालन में अनुमंडल पदाधिकारियों (एसडीओ) की बड़ी भूमिका है. उनका वार्षिक गोपनीय अभियुक्ति (एसीआर) का आधार जनवितरण प्रणाली के काम पर निर्धारित होगा. उक्त बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहीं. वे मंगलवार को खाद्य व उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा नये राशन कार्ड व दुकान का लाइसेंस निर्गत किये जाने और 39 करोड़ से बनने वाले 34 जिला आपूर्ति शृंखला प्रबंधन केंद्रों के शिलान्यास के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीडीएस में दिलचस्पी नहीं लेनेवाले अधिकारियों का कैरियर इससे प्रभावित होगा. उन्होंने मुख्य सचिव दीपक कुमार से अनुमंडल पदाधिकारियों के काम की समीक्षा करने का निर्देश दिया. इससे एसडीओ पीडीएस के सभी मामलों में और जिम्मेदारी से काम करेंगे. यह व्यवस्था और बेहतर होगी. सीएम ने कहा कि कोई भी जरूरतमंद राशन कार्ड से वंचित नहीं होना चाहिए. जो हकदार नहीं हैं उसका राशन कार्ड कैंसिल किया जाये.

लेकिन, यह काम पूरी जांच पड़ताल के बाद होनी चाहिए. अन्यथा बाद में पता चलेगा कि जिसका कैंसिल किया गया उसे आवश्यकता है. जनवितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए नयी तकनीक का उपयोग करने से परहेज नहीं करना चाहिए. मुख्यमंत्री ने अपने हाथ से लाभुकों को नये राशन कार्ड व दुकानदार को दुकानों के लाइसेंस दिये. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू करने वाला बिहार पहला राज्य बना. फरवरी 2014 में इस कानून को लागू किया गया. इसमें 85 फीसदी गांव व 74 फीसदी शहरी क्षेत्रों में लोगों को लाभ मिला. तीन लाख 36 हजार नये राशन कार्ड व 3570 दुकानों को लाइसेंस दिये गये हैं.

खुशामद से नहीं, आवेदन से बनेगा कार्ड
मुख्यमंत्री ने कहा कि राशन कार्ड बनवाने या उसमें सुधार के लिए अब किसी की पैरवी, किसी से खुशामद की जरूरत नहीं है.लोक सेवा केंद्र पर आवेदन देने से यह बन जायेगा. जनवितरण प्रणाली में सुधार के लिए और भी काम करने की जरूरत है. इसके लिए विभाग को भी निर्णय लेने की जरूरत है. सिस्टम में सुधार के लिए सबसे पहले कूपन प्रणाली शुरू हुआ. डीलर के पास जितना कूपन मिलता था. उतना ही अगले माह कूपन के बदले में अनाज मिलता था. हाल यह था कि राशन एसएफसी से चलकर पीडीएस न पहुंचकर बाजार चला जाता था. इसमें सुधार के लिए टेक्नोलॉजी का सहारा लिया गया.
राशन दुकानों का कमीशन बढ़ा : मोदी
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राशन दुकानदारों का कमीशन 35 रुपये से बढ़ा कर 70 रुपये कर दिया गया है. केंद्र से इसे और बढ़ाने का आग्रह करेंगे. पिछले चार वर्षों में डुप्लीकेट, फर्जी व मृत व्यक्तियों के राशन कार्ड, एलपीजी गैस कनेक्शन व मनरेगा के मजदूरों का डीबीटी के जरिये भुगतान से फर्जीवाड़े पर रोक लगी है. इलेक्ट्रॉनिक मशीन से खाद्यान्नों को तौलने, डोर स्टेप डिलेवरी, आधार से राशन कार्ड को जोड़े जाने से और अधिक पारदर्शिता आयेगी. खाद्य व उपभोक्ता संरक्षण मंत्री ने कहा कि सिस्टम को पारदर्शी बनाने के लिए हर संभव प्रयास हो रहा है. नालंदा जिले के नूरसराय में पीओएस मशीन से अनाज देने का ट्रायल चल रहा है.
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