बिल्डरों के बाद अब प्रोपर्टी डीलरों पर शिकंजा कस रहा रेरा, नोटिस

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 15 Jul 2018 3:22 AM

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पटना : रियल इस्टेट रेगुलेटरी आॅथोरिटी (रेरा) बिल्डरों के बाद अब प्रोपर्टी डीलरों पर शिकंजा कस रहा है. प्रावधानों के मुताबिक जमीन-मकान की खरीद-बिक्री में मध्यस्थ की भूमिका निभानेवाले प्रोपर्टी डीलरों का रेरा से रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है. लेकिन, चेतावनी के बावजूद अब तक महज 11 प्रोपर्टी डीलरों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है. ऐसी स्थिति तब […]

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पटना : रियल इस्टेट रेगुलेटरी आॅथोरिटी (रेरा) बिल्डरों के बाद अब प्रोपर्टी डीलरों पर शिकंजा कस रहा है. प्रावधानों के मुताबिक जमीन-मकान की खरीद-बिक्री में मध्यस्थ की भूमिका निभानेवाले प्रोपर्टी डीलरों का रेरा से रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है. लेकिन, चेतावनी के बावजूद अब तक महज 11 प्रोपर्टी डीलरों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है. ऐसी स्थिति तब है
जब पूरे प्रदेश के 500 से अधिक रियल इस्टेट प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन हो चुका है. इसको देखते हुए रेरा ने पुन: नोटिस जारी कर अनिबंधित प्रोपर्टी डीलरों से 31 जुलाई तक रजिस्ट्रेशन करा लेने की अपील की है. ऐसा नहीं कराने पर उनको एक साल की तक की सजा या संबंधित प्रोजेक्ट के 10 फीसदी तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
रेरा रजिस्टर्ड डीलर कहीं भी कर सकेंगे कारोबार
रेरा ने रियल इस्टेट प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन करानेवाले बिल्डरों/डेवलपरों से भी रेरा रजिस्टर्ड रियल इस्टेट एजेंट (प्रोपर्टी डीलरों) की सूची तलब की है. इनको 30 जुलाई तक सूची जमा कराने का निर्देश दिया गया है. रेरा सदस्य राजीव भूषण सिन्हा ने बताया कि रेरा एक्ट के सेक्शन 9 के तहत राज्य के प्लानिंग एरिया में किसी भी प्लाॅट, जमीन, अपार्टमेंट या भवन की खरीद-बिक्री में हिस्सा लेने वाले डेवलपर या प्रोपर्टी डीलर का रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है. रेरा से रजिस्टर्ड प्रोपर्टी डीलर सूबे के किसी भी भाग में जमीन का कारोबार कर सकते हैं. किसी एक व्यक्ति को रजिस्ट्रेशन के लिए 20 हजार रुपये जबकि किसी कंपनी का रजिस्ट्रेशन कराने पर एक लाख रुपये का शुल्क लगेगा.
धोखाधड़ी पर लगेगी रोक
रेरा ने आम जनता से भी अपील की है कि धोखाधड़ी से बचने के लिए रजिस्टर्ड प्रोपर्टी डीलरों के प्रोजेक्ट में ही जुड़ें. कई बिल्डरों ने भी खुद के प्रोजेक्टों से जुड़े प्रोपर्टी डीलरों की जानकारी रेरा को नहीं दी है. ऐसे में रेरा ने उनको चेतावनी देते हुए कहा है कि मध्यस्थों द्वारा ग्राहकों से किसी भी तरह की ठगी की स्थिति में बिल्डर ही जिम्मेदार माने जायेंगे.
संविदा पर लीगल व आईटी सलाहकार बहाल कर रहा रेरा
पटना. बिहार रियल इस्टेट रेगुलेटरी ऑथोरिटी (रेरा) ने वैधानिक व सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी समस्याओं से निबटने के लिए लीगल व आईटी सलाहकार बहाल करने का निर्णय लिया है. एक साल के कांट्रैक्ट पर दो लीगल सलाहकार की बहाली होगी. यह सलाहकार रेरा से जुड़े कार्यों में वैधानिक राय देने के साथ ही अध्यक्ष व सदस्यों के समक्ष रेरा के नियम-कानून को स्पष्ट करेंगे.
इसके लिए एलएलबी डिग्री व रियल इस्टेट क्षेत्र में पांच साल अनुभव के साथ ही कुल दस साल का अनुभव अनिवार्य होगा. आईटी सलाहकार के लिए बीई/बीटेक की डिग्री अनिवार्य होगी. इनकी नियुक्ति एक साल के लिए होगी, जिसे तीन साल तक बढ़ाया जा सकेगा. दोनों पदों के लिए 25 अप्रैल तक आवेदन जमा कराये जा सकेंगे.
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