रोक के बावजूद सोन में अवैध खनन का खतरा, होता है करोड़ों का कारोबार
Updated at : 09 Jul 2018 6:19 AM (IST)
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कोइलवर से प्रमोद झा/दीपक हर साल तीन माह के लिए नदियों से बालू खनन पर रोक लगा दी जाती है. लेकिन, सोन में जल स्तर बढ़ने के साथ ही बालू माफिया रात के अंधेरे में बालू का अवैध खनन करते हैं. स्थानीय थाने व बालू के अवैध कारोबार की रोकथाम के लिए दीघा व हाजीपुर […]
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कोइलवर से प्रमोद झा/दीपक
हर साल तीन माह के लिए नदियों से बालू खनन पर रोक लगा दी जाती है. लेकिन, सोन में जल स्तर बढ़ने के साथ ही बालू माफिया रात के अंधेरे में बालू का अवैध खनन करते हैं. स्थानीय थाने व बालू के अवैध कारोबार की रोकथाम के लिए दीघा व हाजीपुर के समीप गंगा में बने तीन ओपी के बावजूद करोड़ों का अवैध खनन का कारोबार चलता है.
बारिश शुरू होने के साथ लगभग एक पखवारा के बाद सोन व गंगा के संगम बिंदगामा सहित आसपास के क्षेत्राें में अवैध खनन शुरू होने के खतरे से इन्कार नहीं किया जा सकता है. 156 साल पुराने कोइलवर पुर पर पड़नेवाली तेज धार व बालू माफियाओं द्वारा नदी के तल में बालू के खनन से पुल पर संकट और गंभीर हो सकता है. वहीं, सरकार द्वारा दिये गये खनन के पट्टे से बालू की बिक्री से प्रत्येक दिन लगभग 20-22 लाख रुपये राजस्व की क्षति होगी.
जानकारों के अनुसार बालू माफिया रोक के दौरान रोजाना इतनी राशि का बालू का खनन करते हैं. सरकार को राजस्व की क्षति होती है. पर, अधिकारियों व पुलिसवालों की जेबें इससे गरम होती हैं. खान व भूतत्व विभाग 15 दिनों बाद अवैध खनन को कैसे रोकेगा, यह यक्ष प्रश्न है. जबकि विभाग की आंतरिक रिपोर्टों में भी इस तथ्य के खुलासे हो चुके हैं.
बालू वाले क्षेत्रों के थानों में पोस्टिंग का होता है खेल
बालू वाले क्षेत्रों बिहटा, कोइलवर सहित आसपास के थानों में पोस्टिंग को लेकर खूब खेल होता है. स्थानीय लोगों ने बताया कि कोइलवर थाने में एक बार पोस्टिंग होने पर कई सालों तक थाने का इंचार्ज नहीं होने का मलाल नहीं रहता है. इन थानों में पोस्टिंग के लिए ऊपर तक जुगाड़ होने पर ही यह संभव हो पाता है.
खान व भूतत्व विभाग के उप निदेशक संजय कुमार ने बताया कि नदियों में पहली जुलाई से तीन माह के लिए खनन पर रोक है. अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए मोटर वोट से गश्ती की जा रही है. सोन में भी अवैध खनन पर रोक के लिए अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी होगी. अवैध खान करनेवाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी.
जल स्तर बढ़ने पर शुरू होगा अवैध खनन
सोन में बालू के अवैध खनन का कारोबार जल स्तर बढ़ने के साथ ही शुरू हो जायेगा.स्थानीय नागरिकों ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी 15 दिनों के बाद करोड़ों का अवैध कारोबार शुरू होगा. सोन व गंगा के संगम बिंदगामा सहित आसपास के क्षेत्रों में रात में छपरा की ओर से सैकड़ों नावें बालू खनन के लिए पहुंचती हैं. कोइलवर पुल के नीचे से भी अप स्ट्रीम में पहुंच कर दूर से बालू खनन करते हैं.
जबकि, पुल के नीचे से नाव के जाने पर रोक है. इसे रोक पाने में स्थानीय प्रशासन असहाय दिखता है. बालू खनन को लेकर इस इलाके के कई गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई होती रहती है. रात में होने वाले बालू का खनन कर उसे गाजीपुर, बलिया सहित उत्तर बिहार तक पहुंचाया जाता है. सामान्य दिनों की अपेक्षा दोगुनी से अधिक कीमत मिलती है.
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