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लोक संवाद कार्यक्रम में CM नीतीश ने ऑनलाइन दाखिल-खारिज में देरी पर जतायी नाराजगी

Updated at : 11 Jun 2018 1:55 PM (IST)
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लोक संवाद कार्यक्रम में CM नीतीश ने ऑनलाइन दाखिल-खारिज में देरी पर जतायी नाराजगी

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का लोक संवाद कार्यक्रम लंबे समय के बाद सोमवार को फिर से शुरू हुआ. लोक संवाद में उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के साथ कई विभागों के मंत्री और सभी आला अधिकारी मौजूद थे. इस दौरान 18 लोगों ने विभिन्न मामलों पर अपना सुझाव दिया. भागलपुर से आये राजेश कुमार ने जमीन […]

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का लोक संवाद कार्यक्रम लंबे समय के बाद सोमवार को फिर से शुरू हुआ. लोक संवाद में उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के साथ कई विभागों के मंत्री और सभी आला अधिकारी मौजूद थे. इस दौरान 18 लोगों ने विभिन्न मामलों पर अपना सुझाव दिया. भागलपुर से आये राजेश कुमार ने जमीन विवाद को सुलझाने से जुड़े सुझाव दिये. उन्होंने पुरखों के नाम पर जमीन के म्यूटेशन से संबंधित सुझाव दिया. इस पर मुख्यमंत्री ने जमीन बंटवारे में रजिस्टर-2 में लगने वाले टैक्स को कम-से-कम करने का निर्देश दिया.

नीतीश कुमार ने कहा कि जमीन की रजिस्ट्री कराने से पहले जमीन की पूरी जानकारी होनी चाहिए. सीएम ने राजस्व विभाग के प्रधान सचिव से पूछा कि अब तक ऑनलाइन म्युटेशन क्यों नहीं शुरू हुआ है? नीतीश ने राजस्व विभाग के प्रधान सचिव से कहा कि म्यूटेशन के लिए 15 अगस्त तक डेडलाइन दे रहे हैं, तो उसे पूरा कीजिए. सिर्फ तारीख देने से काम नही चलेगा. सीएम नीतीश ने कहा कि जमीन संबंधित विवाद को निबटाने के लिए सेंट्रल एक्ट बाधा बनता है, तो हम केंद्र सरकार के पास प्रस्ताव भेजेंगे. उन्होंने कहा कि एक्ट में बदलाव के लिए केंद्र सरकार को भी पत्र लिखा जाये. नये सिरे से सर्वे और सेटेलमेंट कराया जा रहा है, लेकिन उसमें वक्त लगेगा. वहीं, ऑनलाइन दाखिल खारिज में हो रही देरी से सीएम नीतीश अधिकारियों से नाराज हो गये. उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि अप्रैल तक ही टारगेट था, तो काम पूरा क्यों नहीं हुआ. अभी तक मात्र 186 अंचलों में ही ऑन लाइन दाखिल खारिज करने की व्यवस्था हो सकी है.

शिक्षा सुधार को लेकर भी दिये सुझाव

लोक संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर भी कुछ सुझाव दिये. कार्यक्रम में आये एक सुझावकर्ता ने मैट्रिक और इंटर के रजिस्ट्रेशन में नये नियम से हो रही परेशानी का जिक्र किया. उसने कहा कि फॉर्म भरने में बोर्ड ने तीन तरह के नियम लागू किये हैं. ऐसे में बोर्ड के फरमान से लोगो को परेशानी हो रही है. वहीं, प्राइवेट एजेंसी से मैट्रिक फॉर्म भरवाने के निर्णय को सुझावकर्ता ने गलत बताया. सीएम ने इस सुझाव पर ध्यान देने का निर्देश शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को दिया. जबकि सहरसा से आये दामोदर राम ने जिलों के एससी-एसटी आवासीय बालिका विद्यालय खोलने का सुझाव दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में सीसीटीवी और बायोमीट्रिक सिस्टम लगाने का भी सुझाव दिया, ताकि स्कूल की मॉनिटरिंग की जा सके.

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