जूट एमएसपी " 200 बढ़ी, बिहार-बंगाल के किसानों को होगा लाभ
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 26 Apr 2018 5:21 AM
कैबिनेट के फैसले : कृषि लागत मूल्य आयोग की सिफारिश मंजूर नयी दिल्ली : सरकार ने फसल वर्ष 2018-19 के लिए कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 200 रुपये बढ़ाकर 3,700 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया. इससे पश्चिम बंगाल, असम और बिहार के करीब 40 लाख जूट किसानों को फायदा होगा. देश के जूट […]
कैबिनेट के फैसले : कृषि लागत मूल्य आयोग की सिफारिश मंजूर
नयी दिल्ली : सरकार ने फसल वर्ष 2018-19 के लिए कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 200 रुपये बढ़ाकर 3,700 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया. इससे पश्चिम बंगाल, असम और बिहार के करीब 40 लाख जूट किसानों को फायदा होगा. देश के जूट उत्पादन में तीनों राज्यों का हिस्सा 95 प्रतिशत है.
इससे पिछले वर्ष जूट का एमएसपी 3,500 रुपये प्रति क्विंटल था. एमएसपी में बढ़ोतरी कृषि लागत एवं मूल्य आयोग ( सीएसीपी ) की सिफारिशों पर की गयी. एमएसपी में ‘ए2 जमा एफएल’ भारित औसत के ऊपर 63.2 प्रतिशत की आय होगी. इस फार्मूले में वास्तविक लागत जमा परिजनों की श्रम लागत को शामिल किया गया है. सरकार ने बजट में फसलों का एमएसपी लागत के डेढ़ गुना देने की घोषणा की थी. जूट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया जूट एमएसपी पर नोडल एजेंसी के रूप में काम करती है.
सीएसीपी उत्पादन की तीन परिभाषाएं हैं. ए 2, ए 2 जमा एफएल और सी 2, ए 2 में सभी खर्च आते हैं, जिनका कैश से भुगतान किया. इसमें बीज, खाद, श्रम, ईंधन और सिंचाई खर्च आता है. ए 2 जमा एफएल में लागत श्रमबल और सी2ए2 व्यापक है. इसमें किराया जमीन पर ब्याज व पूंजी संपत्तियां आती हैं.
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