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बिहार : यहां पर रात में सजता है बालू का अवैध बाजार, बनाया गया पुलिस कैंप, 35 से अधिक नावें जब्त

Updated at : 04 Apr 2018 6:13 AM (IST)
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बिहार : यहां पर रात में सजता है बालू का अवैध बाजार, बनाया गया पुलिस कैंप, 35 से अधिक नावें जब्त

रात में नाव लगा निकाल रहे बालू, सूर्योदय से पहले ही हो जाता है बालू का सौदा पटना : गंगा में अवैध रूप से बालू खनन का काम चालू है. दिन में पुलिस व जिला प्रशासन की तेज हुई गश्ती के बाद अवैध खनन में लगे नाविकों ने दूसरा तरीका अख्तियार कर लिया है. अब […]

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रात में नाव लगा निकाल रहे बालू, सूर्योदय से पहले ही हो जाता है बालू का सौदा
पटना : गंगा में अवैध रूप से बालू खनन का काम चालू है. दिन में पुलिस व जिला प्रशासन की तेज हुई गश्ती के बाद अवैध खनन में लगे नाविकों ने दूसरा तरीका अख्तियार कर लिया है. अब अवैध खनन में लगे लोग बालू निकालने का काम देर शाम से शुरू करते हैं. यह काम रात भर चलता है.
जम कर बालू निकाला जाता है. इसके बाद नाव वाले रात में ही घाट के किनारे अपनी नाव लगा देते हैं और इसके बाद सूर्योदय से पहले ही नाव पर लदे बालू का सौदा कर दिया जाता है. फिलहाल इसमें दीघा और गाय घाट को मिला कर लगभग सौ से अधिक नावें इस काम में लगी हुई हैं. फिलहाल लाख गश्ती के बावजूद अवैध कारोबार चल रहा है. पहले और अब में अंतर यह है कि पहले दिन में यह अवैध कारोबार होता था, अब रात में चलता है.
दिन में गश्ती बढ़ी, लेकिन बंद नहीं हुआ दोहन
गंगा में बालू खनन की निविदा के आधार पर खदान देने के बाद पुलिस व जिला प्रशासन की ओर से गंगा में अवैध रूप से बालू खनन करने वालों पर लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस एसडीआरएफ और खनन विभाग की ओर से मिली मोटर बोट से गश्ती कर रही है. दीघा के पाटीपुर से लेकर गाय घाट और आगे तक गश्ती की जा रही है.
अब इसका परिणाम है कि दिन में अवैध कम हुआ है, लेकिन बंद नहीं हुआ है. अभी भी सुबह के समय दीघा की ओर से कई नावें दोहन में लगी हैं. गंगा में नाव का प्रयोग मुख्य रूप से दीघा और गाय घाट पर वैशाली से पटना आने-जाने के लिए होता है. लेकिन इन्हीं मार्गों पर नाव से सुबह-शाम बालू का खनन भी होता है.
सामान्य बालू से अधिक है राजा खाद की डिमांड
गंगा बालू के खनन होने के बावजूद गंगा के पेट से निकाले जाने वाले बालू की डिमांड अधिक है. जिस गंगा बालू का खनन किया जाता है. उसका मुख्य रूप से भराई के रूप इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन जो बालू नाव के सहारे गंगा के भीतर से निकाला जाता है, वो लाल व मोटा बालू होता है.
जो केवल भराई के काम के अलावा दीवार जोड़ने के काम भी आता है. जानकार बताते हैं कि एक नाव में लगभग तीन फुट तक बालू भरा जाता है. इसमें एक फुट बालू की कीमत एक हजार से 15 सौ रुपये तक होती है. लोकल भाषा में इस बालू को राजा खाद कहा जाता है.
दीघा में बनाया गया पुलिस कैंप, 35 से अधिक नावें जब्त
जिलाधिकारी स्तर पर निर्देश के बाद खनन विभाग व पुलिस ने दीघा में गंगा किनारे अस्थायी कैंप लगा रखा है. यहां होम गार्ड के जवानों को तैनात किया गया है.
दीघा में खनन विभाग की एक बड़ी मोटर बोट व तीन छोटी मोटर बोट से गश्ती की जाती है. खनन विभाग के सहायक निदेशक सुरेंद्र प्रसाद सिन्हा बताते हैं कि फिलहाल जब से छापेमारी का अभियान तेज किया गया है, तब अब तक 90 से अधिक नावों पर कार्रवाई की गयी है. इसमें 35 के लगभग नावें जब्त भी की गयी हैं. अवैध खनन करनेवालों पर सीधे प्राथमिकी भी की जाती है. इससे अवैध खनन वालों में काफी हद तक कमी आ गयी है.
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