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बिहार : सरकारी अस्पतालों के मरीजों को अब कैंसर, किडनी और मधुमेह की दवाएं मिलेंगी मुफ्त...जानें

Updated at : 07 Mar 2018 8:15 AM (IST)
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बिहार : सरकारी अस्पतालों के मरीजों को अब कैंसर, किडनी और मधुमेह की दवाएं मिलेंगी मुफ्त...जानें

पटना : सरकारी अस्पतालों के मरीजों को अब कैंसर, किडनी व मधुमेह सहित 172 प्रकार की दवाएं व 29 प्रकार के मेडिकल उपकरणों की सेवा नि:शुल्क मिलेगी. राज्य सरकार फिलहाल मेडिकल कॉलेजों की ओपीडी में औसतन 57 व इंडोर में 102 प्रकार की दवाएं मुहैया कराती है. पूर्व की नि:शुल्क दवा सूची में संशोधन करते […]

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पटना : सरकारी अस्पतालों के मरीजों को अब कैंसर, किडनी व मधुमेह सहित 172 प्रकार की दवाएं व 29 प्रकार के मेडिकल उपकरणों की सेवा नि:शुल्क मिलेगी. राज्य सरकार फिलहाल मेडिकल कॉलेजों की ओपीडी में औसतन 57 व इंडोर में 102 प्रकार की दवाएं मुहैया कराती है.
पूर्व की नि:शुल्क दवा सूची में संशोधन करते हुए कुछ नयी बीमारियों की दवा भी जोड़ी जा रही है. मंगलवार को बिहार विनियोग विधेयक 2018 पर चर्चा के बाद बतौर प्रभारी सह स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री चिकित्सा कोष के अंतर्गत पहले 11 असाध्य रोगों के इलाज के लिए अनुदान का प्रावधान था.
इसे बढ़ा कर 16 कर दिया गया है. अब बोन मैरो ट्रांसप्लांट, हिमोफिलिया, ट्रांस जेंडर, हेपेटाइटिस एवं ट्रामा/ब्रेन हैमरेज को भी इसमें शामिल किया गया है. इस वित्तीय वर्ष में 10375 मरीजों को इस मद से अनुदान स्वरूप 82.58 करोड़ की राशि उपलब्ध करायी गयी है.
मिशन मोड पर बन रहे पांच मेडिकल कॉलेज : स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं की कमी दूर करने के लिए सात निश्चय कार्यक्रम के तहत मिशन मोड पर पांच नये मेडिकल कॉलेजों की स्थापना मधुबनी, सीतामढ़ी, बेगूसराय, महुआ (वैशाली) व आरा (भोजपुर) में की जा रही है.
पूर्णिया, समस्तीपुर व छपरा (सारण) में भी केंद्रकी मदद से तीन मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं. इसके अतिरिक्त सभी मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग कॉलेज, हर जिले में कम से कम एक जीएनएम ट्रेनिंग व पारा मेडिकल संस्थान तथा हर अनुमंडल में एएनएम ट्रेनिंग संस्थान की स्थापना भी बीएमएसआईसीएल की मदद से की जा रही है. इस महत्वाकांक्षी योजना पर कुल 3401 करोड़ रुपये का खर्च आयेगा.
35 जिलों में एक-एक अतिरिक्त शव वाहन : मंत्री ने बताया कि राज्य में पूर्व से 49 शव वाहन परिचालित हैं. इसके अतिरिक्त 35 जिलों में एक-एक शव वाहन व पीएमसीएच में तीन अतिरिक्त शव वाहन उपलब्ध
कराया गया है. उन्होंने कहा कि राज्य में पूर्व से संचालित 812 एंबुलेंस के अतिरिक्त इस वित्तीय वर्ष 250 नयी एंबुलेंस जिलों को उपलब्ध करायी गयी हैं. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एनएचएआई ने एमओयू के तहत 40 एंबुलेंस उपलब्ध कराये. विधेयक पर हुई चर्चा में भोला यादव, डाॅ रामानुज प्रसाद, मो नेमतुल्लाह, समीर महासेठ, लक्ष्मेश्वर राय, नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह, गायत्री देवी और सत्यदेव राय ने भी भाग लिया.
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