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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया कम कर सकता है मिनिमम बैलेंस

Updated at : 09 Jan 2018 6:25 AM (IST)
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया कम कर सकता है मिनिमम बैलेंस

अभी शहरी क्षेत्र के लिए 3000, अर्द्धशहरी 2000 तथा ग्रामीण क्षेत्र के लिए 1000 रुपये मिनिमम बैलेंस पटना : आने वाले दिनों में स्टेट बैंक खाताधारकों को मिनिमम बैलेंस सीमा में कटौती पर राहत दे सकता है. इस पर केंद्रीय प्रबंधन स्तर पर तैयारी चल रही है. फिलहाल स्टेट बैंक के शहरी क्षेत्र के खाताधारकों […]

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अभी शहरी क्षेत्र के लिए 3000, अर्द्धशहरी 2000 तथा ग्रामीण क्षेत्र के लिए 1000 रुपये मिनिमम बैलेंस
पटना : आने वाले दिनों में स्टेट बैंक खाताधारकों को मिनिमम बैलेंस सीमा में कटौती पर राहत दे सकता है. इस पर केंद्रीय प्रबंधन स्तर पर तैयारी चल रही है. फिलहाल स्टेट बैंक के शहरी क्षेत्र के खाताधारकों के लिए मिनिमम बैलेंस सीमा 3000 रुपये है.
जानकारी के अनुसार बैंक मासिक औसत बैलेंस की जरूरत को तिमाही औसत बैलेंस में बदलने की तैयारी में भी है, यानी ग्राहकों को हर माह के बदले तिमाही पर अपने खाते में निर्धारित बैलेंस मेंटेन करना होगा.
बैंक के वरीय अधिकारियों की मानें तो खाते में मिनिमम बैलेंस की जरूरत को एक हजार से 2000 रुपये के बीच किया जा सकता है. हालांकि अभी इस पर फैसला होना बाकी है. यह बदलाव लोगों के विराेध के बाद लिया जा रहा है. हालांकि स्टेट बैंक में मिनिमम बैलेंस की सीमा दूसरे सार्वजनिक बैंकों से अधिक और निजी बैंकों से कम हैं.
नाबालिग व पेंशनर्स के लिए इस सीमा को कम कर दिया गया था : बैंक ने अप्रैल और नवंबर 2017 के बीच मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं करने की वजह से 1772 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला है.
बता दें कि इससे पूर्व बैंक ने जून 2017 में मिनिमम बैलेंस महानगरों के लिए 5000 रुपये कर दिया था जबकि शहरी क्षेत्र के खाताधारकों के लिए तीन हजार, अर्द्ध शहरी क्षेत्र के लिए 2000 तथा ग्रामीण क्षेत्रों के खाताधारकों के लिए 1000 मिनिमम बैलेंस कर दिया था. इसके बाद बैंक ने नाबालिग और पेंशनर्स के लिए इस सीमा को कम कर दिया गया था.फाइन को 25-100 रुपये से घटाकर 20-50 रुपये के रेंज में लाया गया था.
इन आठ तरह के खाते से नहीं वसूला जाता फाइन : विरोध के बाद बैंक अपने ग्राहकों को जानकारी दे रहा है कि बचत खातों में आठ तरह के खाते हैं जिनमें लिमिट से कम रुपये रहने के बावजूद बैंक किसी तरह का फाइन नहीं वसूलता है, क्योंकि उन खातों पर मिनिमम मंथली बैलेंस की शर्त लागू नहीं होती है. इनमें सैलरी पैकेज खाते, बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट, छोटे खाते, पहला कदम, 18 वर्ष से कम उम्र के ग्राहकों के खाते और पेंशनर्स के खाते आदि शामिल हैं.
मिनिमम बैलेंस कम करने की चर्चा तो है, पर इसका फैसला केंद्रीय स्तर पर होना है. अगर मिनिमम बैलेंस में कटौती होता है तो इससे करोड़ों खाताधारकों को राहत मिलेगा. वैसे यह पूरा मामला नीतिगत है. सर्कुलर आने पर ही विशेष जानकारी दिया जा सकता है.
– उमाकांत सिंह, अध्यक्ष, स्टेट बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन
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