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बिहार : माध्यमिक स्कूल के लिए 75 डिसमिल जमीन ही जरूरी

कैबिनेट के फैसले- संशोधित प्रस्ताव पर लगायी मुहर, पंचायतों में अब आसानी से खुल सकेंगे स्कूल पटना : राज्य की सभी पंचायतों में कम से कम एक माध्यमिक स्कूल बनाने की योजना है. परंतु इसमें जमीन की कमी बड़ी समस्या बनकर सामने आ रही है. मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य […]

कैबिनेट के फैसले- संशोधित प्रस्ताव पर लगायी मुहर, पंचायतों में अब आसानी से खुल सकेंगे स्कूल
पटना : राज्य की सभी पंचायतों में कम से कम एक माध्यमिक स्कूल बनाने की योजना है. परंतु इसमें जमीन की कमी बड़ी समस्या बनकर सामने आ रही है. मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में अहम निर्णय लिया गया. अब सभी पंचायतों में माध्यमिक स्कूल बनाने के लिए सिर्फ 75 डिसमिल जमीन की ही जरूरत पड़ेगी. कैबिनेट में लिये गये निर्णयों के बारे में कैबिनेट विभाग के अवर सचिव उपेंद्र नाथ पांडेय ने जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के 10 निर्णयों पर कैबिनेट की बैठक में मुहर लगी. अब सभी पंचायतों में माध्यमिक स्कूल बनाने के लिए अब सिर्फ 75 डिसमिल जमीन की ही जरूरत पड़ेगी. पहले पंचायत स्तर बनने वाले इन माध्यमिक स्कूलों को बनाने के लिए एक से डेढ़ एकड़ जमीन की जरूरत पड़ती थी.
इतनी जमीन मिलने में समस्या आने के कारण सभी पंचायतों में स्कूल नहीं बन पा रहा था. वर्तमान में दो हजार 860 ऐसी पंचायतें हैं, जहां कोई माध्यमिक स्कूल नहीं है. राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और अन्य योजना के तहत उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालयों को उच्च माध्यमिक विद्यालय (+2) में उत्क्रमित करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है. इसके लिए जमीन का मानक कम करने से अधिक से अधिक संख्या में माध्यमिक स्कूलों का निर्माण हो सकेगा. इसके अलावा राज्य में 81 मॉडल स्कूल के अधूरे या नये सिरे से भवन का निर्माण करने के लिए 186 करोड़ रुपये जारी किये गये हैं. वित्तीय वर्ष 2009-10 और 2010-11 में केंद्र प्रायोजित योजना के तहत 205 मॉडल स्कूलों का निर्माण करना स्वीकृत किया गया था, इसमें 81 स्कूल का निर्माण नहीं हो सका है.
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों के अंतर्गत पथ निर्माण विभाग में परियोजनाओं का संचालन सुचारू ढंग से करने के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट) का गठन किया गया है. इसमें 21 अलग-अलग पदों का गठन किया गया है, जिसमें प्रोफेशनल सपोर्ट सर्विस एक्सपर्ट (वेतन एक लाख) का एक पद, तकनीकी सहायक (वेतन 60 हजार) के 10, थिमैटिक एक्सपर्ट के दो, उप-निदेशक (वेतन एक लाख) के एक पद के अलावा सिस्टम एनालिस्ट, प्रोग्रामर समेत अन्य के एक-एक पद शामिल हैं.
इस यूनिट का मुख्य काम किसी सड़क परियोजना में फॉरेस्ट, जमीन, माइनिंग समेत अन्य संबंधित मसलों में आ रही समस्याओं को दूर करना है. यह यूनिट मुख्य रूप से सभी परियोजनाओं में एक्सपर्ट का काम करेगा.
पटना पुलिस लाइन को नये रूप में तैयार करने को 105 करोड़ जारी
पटना पुलिस लाइन को नये सिरे से विकसित करने की योजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है. कैबिनेट ने पहली किस्त के रूप में 105 करोड़ को मंजूरी दे दी है. पटना में पहले से मौजूद पुलिस लाइन को तोड़कर नये तरीके से आधुनिक रूप में इसे विकसित किया जायेगा. बिहार पुलिस निर्माण निगम ने इसके लिए 460 करोड़ की डीपीआर तैयार की थी. इसमें पहले किस्त को मंजूर कर दिया गया है.
-2860 पंचायतें, जहां नहीं कोई माध्यमिक स्कूल
गर्दनीबाग के संशोधित मास्टर प्लान को मिली मंजूरी
पटना के गर्दनीबाग में बनने वाले टॉउनशिप के संशोधित मास्टर प्लान को मंजूरी दे दी गयी है. इसके तहत अब कर्मचारियों और पदाधिकारियों के अलावा जज समेत अन्य न्यायिक पदाधिकारियों के लिए भी आवास बनेंगे. इन सब के लिए अलग-अलग क्षेत्र निर्धारित कर दिया गया है. इसमें 23.99 एकड़ जमीन कर्मियों और 13.61 एकड़ जमीन पदाधिकारियों के आवास के लिए निर्धारित कर दी गयी है. इन दोनों के आवासीय परिसर में बहुमंजिली इमारतें बनेंगी.
मौजूद सड़क की दूसरी तरफ जज समेत अन्य न्यायिक अधिकारियों के लिए 14.55 एकड़ जमीन चिन्हित की गयी है, जिनमें इनके लिए अलग-अलग आवास बनेंगे. आने वाले समय में पटना हाईकोर्ट का विस्तार किया जाना है. इस वजह से यहां जज और अन्य न्यायिक पदाधिकारियों के आवास की काफी जरूरत पड़ेगी. मंत्रियों के लिए भी इसी में बंगला बनेगा.
51.70 एकड़ में आवासीय परिसर तैयार होने के अलावा इस पूरे इलाके में आयोग समेत अन्य के सरकारी कार्यालय भी तैयार होंगे. साथ ही हॉस्पिटल, होटल, बिजनेस सेंटर, खेल परिसर, आईटी सेंटर समेत ऐसे अन्य सेंटर भी विकसित किये जायेंगे. यहां के मास्टर प्लान को स्वीकृति मिलने के बाद यहां निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने की संभावना व्यक्त की जा रही है.
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
-जगदीशपुर-हल्दिया गैस पाइप लाइन योजना के अंतर्गत सेक्शनाइजिंग वाल्व स्टेशन निर्माण के लिए बिहारशरीफ के पास महानंदपुर में 2.96 एकड़ जमीन का आ‌वंटन किया गया है.
-जमुई जिले के अमरथ में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना के लिए 7.50 एकड़ जमीन मुफ्त विज्ञान एवं प्रावैधिकी को ट्रांसफर किया गया है.
Prabhat Khabar Digital Desk
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