दुष्कर्म मामला : जेल से बाहर आयेंगे निखिल प्रियदर्शी, तीन माह में पीड़िता से शादी कर करना होगा सरेंडर
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 23 Aug 2017 6:29 PM
पटना : दलित लड़की दुष्कर्म मामले में मुख्य अभियुक्त बनाये गये आटोमोबाइल कारोबारी निखिल प्रियदर्शी को पटना हाइकोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए उन्हें तीन माह की औपबंधिक जमानत दे दी. जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा की एकलपीठ ने निखिल प्रियदर्शी की ओर से दायर अपील पर बुधवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया. साथ […]
पटना : दलित लड़की दुष्कर्म मामले में मुख्य अभियुक्त बनाये गये आटोमोबाइल कारोबारी निखिल प्रियदर्शी को पटना हाइकोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए उन्हें तीन माह की औपबंधिक जमानत दे दी. जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा की एकलपीठ ने निखिल प्रियदर्शी की ओर से दायर अपील पर बुधवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया. साथ ही साथ अदालत ने याचिकाकर्ता को यह भी निर्देश दिया कि वह तीन माह बाद निचली अदालत में सरेंडर करें और लड़की के गवाही के बाद ही जमानत की अवधि बढ़ाये जाने के बारे में फैसला होगा.
तीन माह के अंदर पीड़िता से करनी है शादी
बुधवार को सुनवाई के समय अदालत को बताया गया कि यह मामला जोर-जबरदस्ती का नहीं है, बल्कि आपसी रजामंदी से दोनों पक्षों द्वारा यह कार्य हुआ है. साथ ही साथ अदालत को यह भी बताया गया कि दोनों पक्ष एक-दूसरे से शादी करना चाहते हैं. अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अभियुक्त निखिल प्रियदर्शी को इस आधार पर तीन माह की औपबंधिक जमानत मंजूर की कि वह इस तीन माह के बीच पीड़िता से शादी करेगा और उसके बाद वह तीन माह पूरा होने पर निचली अदालत में समर्पण कर ट्रायल शुरू होने के उपरांत पीड़िता के गवाही के बाद ही आगे का फैसला किया जायेगा.
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क्या है पूरा मामला
बिहार के इस बहुचर्चित दुष्कर्म कांड का मुख्य अभियुक्त निखिल प्रियदर्शी को बनाया गया है. मामले में निखिल के अलावा उसके भाई और पिता को अभियुक्त बनाते हुए मामला दर्ज कराया गया था. बाद में पीड़िता ने मामले में बिहार कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष ब्रजेश पांडे, मृणाल किशोर तथा संजीत कुमार के शामिल होने की बात बतायी थी. आरोपों के बाद ब्रजेश पांडे ने अपने पद से इस्तीफा देकर गिरफ्तारी से बचने के लिए अंडरग्राउंड हो गये हैं.
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पीड़िता ने बयान में लगाये थे कई गंभीर आरोप
पीड़िता ने अदालत के समक्ष दिये गये बयान में कहा था कि निखिल प्रियदर्शी एक पूर्व आइएएस का बेटा तो है ही, उसके बहनोई सीबीआई में एसपी हैं. उसका दोस्त बिहार के डीजीपी का बेटा है. साथ ही कहा था कि उसे न सिर्फ ब्लैकमेल कर यौन शोषण किया गया है, बल्कि उसे प्रताड़ित भी किया गया है. पीड़िता का आरोप है कि ब्रजेश पांडे और निखिल प्रियदर्शी सेक्स रैकेट चलाते हैं. उसमें बिहार के कई रसूखदार नेता और ब्यूरोक्रेट भी शामिल हैं. पुलिस ने इस मामले में एसआईटी गठित कर जांच शुरू की. पीड़िता ने बताया था कि निखिल प्रियदर्शी से व्हाट्सएप और फेसबुक के जरिये उसकी जान-पहचान हुई थी. इसके बाद दोनों के बीच बातचीत होने लगी. एक दिन निखिल उसे ब्रजेश पांडे के पास भेजा. वह उसे उनके बोरिंग रोड एक फ्लैट में ले गया था. यह फ्लैट मृणाल किशोर का था. वहां कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिला कर पिला दिया गया. इसके बाद उसो कोई होश नहीं रहा. नशे में आने के बाद ब्रजेश पांडे ने उसके निजी अंग को स्पर्श किया. इसका बाद उसने विरोध किया, तो निखिल और उसका परिवार उसे बहुत मारता-पीटता था. परिवार के लोग में निखिल के पिता और भाई भी शामिल थे. वे सभी सेक्स रैकेट चलाते हैं. उसको भी सप्लाई करने के लिए दबाव बना रहे थे.
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