भारत-नेपाल शैक्षणिक सम्मेलन: शिक्षा और नवाचार पर फोकस, कार्यक्रम में शिक्षकों को किया गया सम्मानित

Edited by Nikhil Anurag
Updated:
विज्ञापन

भारत-नेपाल शैक्षणिक सम्मेलन में भाग लेते शिक्षा क्षेत्र के दिग्गज

Patna News: नेपाल के काठमांडू में आयोजित भारत-नेपाल शैक्षणिक सम्मेलन में शिक्षा, शोध और नवाचार पर व्यापक चर्चा हुई. दोनों देशों के शिक्षाविदों ने शैक्षणिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया. कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कई शिक्षकों और शिक्षाविदों को अंतरराष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान से सम्मानित किया गया.

विज्ञापन

Patna News: (अजीत कुमार की रिपोर्ट) नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित त्रिभुवन विश्वविद्यालय के विधि संकाय सभागार में भारत-नेपाल शैक्षणिक सम्मेलन सह अंतरराष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया. कार्यक्रम में भारत और नेपाल के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं तथा शिक्षकों ने भाग लेकर शिक्षा, शोध और नवाचार के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए.

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ. इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डीन प्रोजोली, डॉ. विजय प्रसाद जायसवाल, डॉ. मैनाली, डॉ. गुरु रहमान, डॉ. वाणीभूषण प्रसाद, योग गुरु धीरज, डॉ. एस. के. पांडेय, डॉ. सुरेश कुमार, डॉ. अंशु और कुमार सुंदरम सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे.

शिक्षा राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला : डॉ. पांडेय

सम्मेलन के संयोजक डॉ. एस. के. पांडेय ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला भी है. उन्होंने भारत और नेपाल के बीच शैक्षणिक सहयोग को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया.

शिक्षा की गुणवत्ता और नवाचार पर हुई चर्चा

सम्मेलन में शिक्षा की गुणवत्ता, शोध कार्यों को बढ़ावा देने, नई तकनीकों के उपयोग और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई. वक्ताओं ने कहा कि बदलते समय में शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, नवाचार आधारित और रोजगारोन्मुख बनाने की जरूरत है.

उत्कृष्ट शिक्षकों को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा और अकादमिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कई शिक्षकों और शिक्षाविदों को अंतरराष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान से सम्मानित किया गया. सम्मानित शिक्षकों ने इसे शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायक पहल बताया.

सौहार्द और सहयोग के संकल्प के साथ हुआ समापन

समारोह के अंत में मंच के संस्थापक डॉ. सुरेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि मंच से जुड़े सभी शिक्षक और शिक्षाविद ज्ञान के प्रकाश को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे. साथ ही शिक्षा, नवाचार और मानवीय मूल्यों के प्रसार के लिए मिलकर कार्य करते रहेंगे. सौहार्द, सहयोग और शिक्षा के वैश्विक विस्तार के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ. सम्मेलन में शामिल प्रतिभागियों ने इसे भारत-नेपाल के शैक्षणिक संबंधों को नई मजबूती देने वाला महत्वपूर्ण आयोजन बताया.

Also Read: सोमवती अमावस्या पर 108 परिक्रमा कर महिलाओं ने मांगा अखंड सौभाग्य, सीवान के मंदिरों में दिनभर लगी रही श्रद्धालुओं की भीड़

विज्ञापन
Nikhil Anurag

लेखक के बारे में

By Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन