सोमवती अमावस्या पर 108 परिक्रमा कर महिलाओं ने मांगा अखंड सौभाग्य, सीवान के मंदिरों में दिनभर लगी रही श्रद्धालुओं की भीड़
पीपल वृक्ष की पूजा करती महिलाएं
Siwan News: सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर सीवान जिले में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला. शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सुहागिन महिलाओं और युवतियों ने व्रत रखकर वट और पीपल वृक्ष की पूजा-अर्चना की.
सीवान से अरविंद कुमार सिंह और सच्चेंद्र द्विवेदी की रिपोर्ट
Siwan News: सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर सीवान जिले में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला. शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सुहागिन महिलाओं और युवतियों ने व्रत रखकर वट और पीपल वृक्ष की पूजा-अर्चना की. महिलाओं ने 108 बार परिक्रमा कर धागा लपेटा और पति की लंबी आयु, परिवार की सुख-समृद्धि तथा संतान के उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
अहले सुबह से मंदिरों और ब्रह्मस्थानों पर उमड़ी महिलाओं की भीड़
सोमवती अमावस्या को लेकर शहर के पंचमंदिरा पोखरा स्थित महादेव शिव मंदिर, तरवारा मोड़ के शांति वट वृक्ष, ललित बस स्टैंड समेत विभिन्न मंदिरों और ब्रह्मस्थानों पर सुबह से ही महिलाओं की भारी भीड़ जुटने लगी. श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया.
108 परिक्रमा और धागा लपेटने की परंपरा
व्रती महिलाओं ने वट और पीपल वृक्ष की 108 बार परिक्रमा की तथा कलावा और धागा लपेटकर सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की. पूजा के दौरान दूध, जल, पुष्प, अक्षत और चंदन अर्पित किया गया. इसके बाद भगवान शिव, भगवान विष्णु, माता गौरी और श्रीगणेश की विशेष पूजा की गई.
पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली के लिए रखा व्रत
महिलाओं ने उपवास रखकर पति की दीर्घायु, परिवार की खुशहाली और संतान की उन्नति की प्रार्थना की. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या का व्रत वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और समृद्धि लाने वाला माना जाता है.
पितृ दोष से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति का विशेष महत्व
मंदिर के पुजारियों और विद्वानों ने बताया कि सोमवती अमावस्या पर वट एवं पीपल वृक्ष की पूजा करने से पितृ दोष दूर होता है तथा पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस दिन स्नान, ध्यान, जप और दान का विशेष महत्व बताया गया है.
पीपल वृक्ष में सभी देवताओं का वास, पूजा से मिलता है विशेष पुण्य
धर्माचार्यों के अनुसार पीपल वृक्ष के मूल में ब्रह्मा, तने में विष्णु, शाखाओं में भगवान शिव तथा पत्तों में सभी देवी-देवताओं का निवास माना जाता है. इसलिए इस दिन पीपल वृक्ष की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और ऐश्वर्य, सुख तथा शांति की प्राप्ति होती है.
तरवारा मोड़ से पंचमंदिरा तक दिखा भक्तिमय माहौल
तरवारा मोड़ स्थित शांति वट वृक्ष और पंचमंदिरा पोखरा महादेव शिव मंदिर परिसर में महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की. पूरे क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा. कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों का भी आयोजन किया गया.
ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखा जबरदस्त उत्साह
शहर के अलावा जिले के विभिन्न गांवों में स्थित ब्रह्मस्थानों और वट-पीपल वृक्षों के पास भी महिलाओं की भारी भीड़ देखी गई. समूह में पहुंचीं महिलाओं ने पूजा-पाठ कर परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की.
मान्यता- इस व्रत से दूर होती हैं जीवन की बाधाएं
धार्मिक मान्यता है कि सोमवती अमावस्या पर श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत एवं पूजा करने से जीवन की कठिनाइयां दूर होती हैं, परिवार में खुशहाली आती है और वैवाहिक जीवन सुखमय बना रहता है. इसी विश्वास के साथ महिलाओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा से इस पर्व को मनाया.
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By साक्षी कुमारी
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