पंचायत चुनाव से पहले बढ़ी हलचल, 10 साल बाद बदल सकता है आरक्षण रोस्टर

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Panchayat Election Reservation 2026

AI जेनरेटेड फोटो

Panchayat Election Reservation 2026: पंचायत चुनाव 2026 को लेकर कोटवा प्रखंड की 16 पंचायतों में तैयारियां तेज हैं. 10 साल बाद आरक्षण रोस्टर बदलने की संभावना से संभावित उम्मीदवार और मौजूदा जनप्रतिनिधि अंतिम सूची का इंतजार कर रहे हैं.

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मोतिहारी के कोटवा से शिवम कुमार की रिपोर्ट

Panchayat Election Reservation 2026: आगामी पंचायत चुनाव को लेकर पूर्वी चंपारण के कोटवा प्रखंड में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. इस बार प्रखंड की सभी 16 पंचायतों में मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य और पंच पद के लिए चुनाव होना है. सबसे ज्यादा चर्चा आरक्षण रोस्टर में संभावित बदलाव को लेकर हो रही है.

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10 साल बाद बदल सकता है आरक्षण रोस्टर

पंचायत राज नियमावली के अनुसार प्रत्येक 10 वर्ष बाद आरक्षण रोस्टर में बदलाव का प्रावधान है. वर्ष 2016 में लागू आरक्षण व्यवस्था के बाद अब 2026 में नया चक्र पूरा होने जा रहा है.

ऐसे में कई पंचायतों में सामान्य, पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और महिला आरक्षित सीटों के स्वरूप में बदलाव की संभावना जताई जा रही है.

2011 की जनगणना के आधार पर तैयार हो रही सूची

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार पंचायतवार आरक्षण सूची वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर तैयार की जा रही है. संबंधित आंकड़ों को पोर्टल पर अपलोड करने का कार्य भी जारी है.

आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम आरक्षण सूची प्रकाशित की जाएगी.

संभावित उम्मीदवारों ने तेज किया जनसंपर्क

आरक्षण सूची जारी होने से पहले ही संभावित उम्मीदवार गांव-गांव जनसंपर्क अभियान में जुट गए हैं. सामाजिक बैठकों, स्थानीय आयोजनों और लोगों से मुलाकात के जरिए अपनी सक्रियता बढ़ाई जा रही है.

हालांकि अधिकांश दावेदार अभी खुलकर चुनावी मैदान में उतरने से बच रहे हैं. उनका कहना है कि अंतिम आरक्षण सूची आने के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी.

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मौजूदा जनप्रतिनिधियों की भी बढ़ी चिंता

आरक्षण रोस्टर में संभावित बदलाव की चर्चा से वर्तमान जनप्रतिनिधियों की चिंता भी बढ़ गई है. कई जनप्रतिनिधियों को आशंका है कि यदि उनकी सीट का आरक्षण वर्ग बदलता है तो उनके चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं.

वहीं नए दावेदार भी अंतिम सूची का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उसी के अनुरूप चुनावी तैयारी शुरू की जा सके.

अंतिम सूची के बाद और तेज होगी चुनावी गतिविधि

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आरक्षण सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद पंचायत चुनाव की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी. इसके बाद उम्मीदवारों की घोषणा, जनसंपर्क अभियान और चुनावी गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी.

फिलहाल प्रशासन आयोग के निर्देशों के अनुसार सभी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने में जुटा है और अंतिम आरक्षण सूची जारी होने का इंतजार किया जा रहा है.

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