अब प्रदेश के खेत खलिहानों में भी दिखेगा नारियल का पौधा, कृषि विभाग ने तीन वित्तीय वर्ष में ढाई लाख पौधा लगाने का रखा लक्ष्य 

Published by :Ravi Ranjan
Published at :03 Apr 2024 5:21 AM (IST)
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अब प्रदेश के खेत खलिहानों में भी दिखेगा नारियल का पौधा, कृषि विभाग ने तीन वित्तीय वर्ष में ढाई लाख पौधा लगाने का रखा लक्ष्य 

कृषि विभाग की ओर से अगले तीन वित्तीय वर्ष के लिए एक करोड़ 59 लाख 38 हजार रुपये आवंटित किया गया है. प्रति पौधा किसान को 75 फीसदी अनुदान दिया जायेगा. सूबे में नारियल की खेती से किसान के साथ ही आमलोगों को भी फायदा होगा. नारियल का फल भी यहां के लोगों को आसानी से कम मूल्य में उपलब्ध हो सकेगा.

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  • नारियल की खेती को बढाबा देने के लिए विभाग ने अगले तीन वित्तीय वर्ष के लिए आवंटित किया 1 करोड़ 60 लाख रुपये
  • प्रति पौधा किसान को दिया जायेगा 75 फीसदी अनुदान, एक किसान को मिलेंगे 712 पौधे

अब सूबे के खेत- खलिहानों में आपको नारियल के पेड़ देखने को मिलेगा. कृषि विभाग ने किसानों की दशा सुधारने के लिये नारियल का पौधा लगाने को बढ़ावा देने की कवायद शुरू कर दी है. विभाग का मानना है कि नारियल के पौधे लगाने से किसान इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेंगे. विभाग की ओर से नारियल का पौधा लगाया जायेगा. इसके लिए किसानों को अनुदान भी दिया जायेगा. राज्य स्कीम मद से नारियल पौधा वितरण योजना का कार्यक्रम तैयार किया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य बिहार जैसे नारियल के अपरंपरागत क्षेत्र में नारियल पौधा रोपण कराना है. कृषि विभाग की ओर से अगले तीन वित्तीय वर्ष के लिए एक करोड़ 59 लाख 38 हजार रुपये आवंटित किया गया है. प्रति पौधा किसान को 75 फीसदी अनुदान दिया जायेगा. सूबे में नारियल की खेती से किसान के साथ ही आमलोगों को भी फायदा होगा. नारियल का फल भी यहां के लोगों को आसानी से कम मूल्य में उपलब्ध हो सकेगा.

एक लाभार्थी को मिलेंगे अधिकतम 712 पौधे

एक लाभार्थी किसान को कम से कम पांच और अधिकतम 712 पौधा (प्रति हेक्टेयर 178 पौधा) अनुदान पर उपलब्ध कराया जायेगा. नारियल का पौधा वैसे किसानों को वितरण किया जायेगा जो अपने घर के आस-पास जमीन, बाड़ी, किचेन गार्डेन, खेत में लगाने को इच्छुक होंगे. शहरी क्षेत्र के व्यक्ति भी इस योजना का लाभ ले सकते है. नारियल का पौधा जहां लगाया जायेगा. उस जमीन का रसीद भी अनिवार्य होगा. योजना का लाभ लेने के लिए किसान को डीबीटी पोर्टल पर रजिस्टर्ड होना आवश्यक है. पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किसानों को इस योजना का लाभ दिया जायेगा.

कोकोस न्यूसीफेरा प्रजाति के लगाये जायेंगे नारियल पेड़

विभाग ने संयुक्त सचिव ने पत्र के माध्यम से बताया है कि यह नई योजना है. नारियल पेड़ (कोकोस न्यूसीफेरा) दुनिया का सबसे उपयोगी पेड़ है. इसका प्रत्येक हिस्सा किसी न किसी रूप में मानव के लिए उपयोगी है. इसे ध्यान में रखते हुए इस योजना को तैयार किया गया है.

विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 50 हजार, 2025-26 में एक लाख, 2026-27 में एक लाख पौधे लगाये जाने का लक्ष्य रखा है. इस योजना के लिए कृषि विभाग ने एक करोड़ 59 लाख 38 हजार रुपये जारी किया है. कृषि विभाग के संयुक्त सचिव मनोज कुमार ने इसकी जानकारी पत्र के माध्यम से सभी जिला कृषि पदाधिकारी, सहायक निदेशक उद्यान को दिया है.

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