शराब ही नहीं लॉटरी का नशा भी बिहार में लोगों को कर रहा कंगाल, प्रतिबंध के बावजूद चल रहा खेल

Updated at : 06 Mar 2022 7:17 PM (IST)
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शराब ही नहीं लॉटरी का नशा भी बिहार में लोगों को कर रहा कंगाल, प्रतिबंध के बावजूद चल रहा खेल

स्थानीय पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से चल रहे प्रतिबंधित लॉटरी के खेल से जहां लोग अपना सबकुछ गंवा तंगहाली की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं लॉटरी माफिया मालामाल हो रहे हैं.

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बरौनी. संपूर्ण बरौनी क्षेत्र में इन दिनों प्रतिबंधित लॉटरी के खेल में मजदूर एवं युवा वर्ग संलिप्त होते जा रहे हैं. यहां के लोगों में लॉटरी का नशा लगातार बढ़ता जा रहा है. इससे लॉटरी के धंधेबाजों को मोटी कमाई हो रही है, वहीं इस खेल के दलदल में फंसकर मजदूर एवं युवा सभी कामकाज छोड़कर आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं.

जानकारी के अनुसार, गढ़हरा-बरौनी क्षेत्रों में इन दिनों धड़ल्ले से प्रतिबंधित लॉटरी का खेल जारी है तथा इससे लॉटरी माफिया लाखों रुपये की अवैध कमाई कर रहे हैं. मुख्य तौर पर गढ़हरा ईश्वर लाल मार्केट, रेलवे मार्केट व पुरानी बाजार, सिंधिया चौक में छोटी-मोटी गुमटियों से लेकर ऐसे कई जेनरल स्टोर एवं साइबर केंद्र हैं, जिसकी आड़ में प्रतिबंधित लॉटरी का व्यापक पैमाने पर धंधा किया जा रहा है.

वहीं, बरौनी के चौक-चौराहों पर बड़े पैमाने पर लॉटरी का खेल चल रहा है. बताया जाता है कि लॉटरी माफिया टिकट की बिक्री अस्थायी तौर पर पान की गुमटी, छोटी-मोटी दुकानों एवं चलते-फिरते नाटकीय ढंग से किया करते हैं. स्थानीय पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से चल रहे प्रतिबंधित लॉटरी के खेल से जहां लोग अपना सबकुछ गंवा तंगहाली की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं लॉटरी माफिया मालामाल हो रहे हैं.

मालूम हो कि लॉटरी टिकटों का परिणाम जानने को लेकर और गरीबी दूर करने की मंशा को पाले जब टिकट की बिक्री करने वाले के पास पहुंचते हैं, तो हासिल कुछ नहीं होता, परंतु अपनी मेहनत की कमाई गंवा जरूर देते हैं. लेकिन, इस खेल में शामिल लोग लॉटरी को अपने भविष्य को संवारने का जरिया मान ले रहे हैं और हजारों रुपये दांव पर लगा घर-परिवार की खुशहाली बर्बाद कर रहे हैं.

इस प्रतिबंधित खेल का शिकार ज्यादातर रिक्शाचालक, ठेला चालक, ऑटो एवं वाहन के साथ-साथ मजदूर तबके के लोग ही बनते हैं. लोग रोजाने की कमाई का एक बड़ा हिस्सा इस खेल में लगा देते हैं, जो समाज एवं आने वाली पीढ़ियों के साथ एक बड़ी जटिल समस्या बनती जा रहा है.

वहीं, नाम नहीं छापने की शर्त पर एक लॉटरी माफिया ने बताया कि स्थानीय प्रशासन के संज्ञान में होने के कारण हम लोग किसी प्रकार से इस टिकट की बिक्री कर अपना जीवन यापन करते हैं. वहीं, प्रभारी अनुमंडलाधिकारी सह एडिशनल एसडीओ अविनाश कुमार कुणाल से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि कार्रवाई की जायेगी.

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