उर्वरक विक्रेताओं तकनीकी सहायक के रूप में निभाएं भूमिका
Author Vishal kumar
Updated:
विज्ञापन

कौआकोल प्रखंड के सोखोदेवरा स्थित जेपी आश्रम परिसर के राजेंद्र भवन में सोमवार को उर्वरक विक्रेताओं के लिए समेकित पोषक तत्व प्रबंधन विषय पर आयोजित 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रमाणपत्र वितरण के साथ समापन किया गया.
विज्ञापन
उर्वरक विक्रेताओं का 15 दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, 59 प्रतिभागियों को मिला प्रमाणपत्र
कौआकोल.
प्रखंड के सोखोदेवरा स्थित जेपी आश्रम परिसर के राजेंद्र भवन में सोमवार को उर्वरक विक्रेताओं के लिए समेकित पोषक तत्व प्रबंधन विषय पर आयोजित 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रमाणपत्र वितरण के साथ समापन किया गया. इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्राम निर्माण मंडल के प्रधानमंत्री अरविंद कुमार ने कहा कि उर्वरक विक्रेताओं को केवल विक्रेता की भूमिका तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें कृषि तकनीकी सलाहकार के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए. उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समेकित पोषक तत्व प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को किसानों तक पहुंचाने तथा टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने का आह्वान किया. वरीय वैज्ञानिक सह-प्रधान डॉ जयवंत कुमार सिंह ने प्रशिक्षण के उद्देश्यों एवं उपयोगिताओं पर चर्चा करते हुए वैज्ञानिक उर्वरक प्रबंधन को खेत स्तर पर लागू करने के लिए प्रतिभागियों को प्रेरित किया. कोर्स संचालक डॉ शशांक शेखर ने कहा कि उर्वरक विक्रेता किसानों के लिए प्रथम संपर्क बिंदु होते हैं, इसलिए उनका तकनीकी रूप से दक्ष होना अत्यंत आवश्यक है. कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ शशांक शेखर सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण में नालंदा, नवादा, गया, शेखपुरा, जमुई एवं अररिया जिलों के कुल 59 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया है. इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रविकांत चौबे, अंगद कुमार, रजत रंजन, फार्म प्रबंधक सुमिताप रंजन, कार्यक्रम सहायक अनिल कुमार तथा सहयोगी पिंटू पासवान, श्रवण कुमार सहित अन्य लोग शामिल थे.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










