1 साल से मानदेय न मिलने पर हड़ताल पर गए स्वच्छता कर्मी, 2 दिनों से पकरीबरावां में ठप पड़ी सफाई व्यवस्था

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पकरीबरावां में स्वच्छता कर्मी के बकाया मानदेय भुगतान को लेकर हड़ताल पर बैठे स्वच्छता कर्मी. | Prabhat Khabar Network

नवादा जिले के पकरीबरावां में पिछले एक साल से मानदेय न मिलने से नाराज स्वच्छताकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. इससे दो दिनों से सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे गंदगी और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है.

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Nawada News: नवादा जिले के पकरीबरावां प्रखंड की ग्राम पंचायत 'दक्षिणी' एवं 'उत्तरी' में पिछले दो दिनों से सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है. दोनों पंचायतों के स्वच्छता कर्मियों ने पिछले 1 वर्ष से बकाया मानदेय के भुगतान और कचरा निस्तारण के लिए स्थायी डंपिंग साइट उपलब्ध कराने की मांग को लेकर काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है.

कर्मियों के हड़ताल पर जाने से विभिन्न वार्डों में कचरे का उठाव नहीं हो पा रहा है, जिससे जगह-जगह गंदगी का अंबार लग गया है और स्थानीय लोगों को भारी दुर्गंध व संक्रामक बीमारियों के खतरे का सामना करना पड़ रहा है.

"1 साल से नहीं मिला मानदेय, कचरा फेंकने पर लोगों से होता है विवाद": स्वच्छता कर्मी

हड़ताल पर बैठे स्वच्छता कर्मी—पप्पू डोम, सदन डोम, अरुण डोम, मदन डोम और रघु डोम समेत अन्य कर्मियों ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उन्हें पिछले लगभग एक साल से मानदेय नहीं मिला है.

कर्मियों ने अपनी मुख्य समस्याएं रखीं:

  • बकाया मानदेय: मानदेय न मिलने से उनके परिवारों के सामने भुखमरी की नौबत आ गई है. बीडीओ से कई बार शिकायत के बावजूद केवल आश्वासन मिला, कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
  • डंपिंग स्थल का अभाव: पंचायत में कचरा निस्तारण के लिए कोई निर्धारित सरकारी जगह नहीं है. जब वे यत्र-तत्र कचरा डंप करते हैं, तो स्थानीय लोग गाली-गलौज और विवाद करने लगते हैं.

कर्मियों ने साफ कर दिया है कि जब तक बकाया मानदेय का भुगतान और डंपिंग के लिए जमीन चिह्नित नहीं की जाती, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे.

बीमारियों का बढ़ा खतरा, लोगों ने की हस्तक्षेप की मांग

मानसून और बरसात के इस मौसम में सड़कों के किनारे फैले कचरे के ढेरों से मच्छरों का प्रकोप और संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ गई है. स्थानीय निवासियों ने प्रखंड प्रशासन और जिला प्रशासन से अविलंब हस्तक्षेप कर स्वच्छता कर्मियों की वाजिब मांगों को पूरा करने तथा सफाई व्यवस्था बहाल कराने की मांग की है.

"हड़ताल की लिखित सूचना नहीं मिली, समस्या का निकालेंगे समाधान": BDO

मामले के संबंध में पकरीबरावां के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) डॉ. मृत्युंजय कुमार ने बताया कि स्वच्छता कर्मियों की हड़ताल से संबंधित कोई लिखित आवेदन या ज्ञापन उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि यदि सफाई कर्मियों की कोई मानदेय या अन्य समस्या है, तो उनसे बातचीत कर जल्द ही उसका समाधान निकाला जाएगा.

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