फोटो कैप्शन – रजौली में घरों के ऊपर कोहरे का धुंध . प्रतिनिधि, रजौली नगर पंचायत समेत रजौली प्रखंड इन दिनों भीषण शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में है. पिछले कुछ दिनों से तापमान में भारी गिरावट और सूरज के दर्शन न होने के कारण स्थानीय निवासियों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है. शनिवार को भी पूरे दिन क्षेत्र धुंध की चादर में लिपटा रहा, जिससे लोग अपने घरों में दुबक रहे. सुबह से ही घने कोहरे के कारण नवादा-रांची एनएच-20 पर वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रही. धुंध की वजह से 10 मीटर से भी कम दूरी दिखाई दे रही थी, जिस कारण वाहन चालक दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलते नजर आये. विशेषकर रजौली घाटी वाले इलाके में कोहरे का असर सबसे अधिक देखा गया, जहां घुमावदार सड़कों पर दुर्घटना का खतरा बना हुआ है. लंबी दूरी की बसें और ट्रक अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रहे हैं. पछुआ हवा के चलते कनकनी और भी बढ़ गयी है. रजौली बाजार, बस पड़ाव और प्रखंड कार्यालय परिसर में लोग ठिठुरते दिखे. शीतलहर का सबसे अधिक असर दैनिक मजदूरों और रिक्शा चालकों पर पड़ा है, जिनकी रोजी-रोटी ठंड के कारण प्रभावित हो रही है. बाजार में भी चहल-पहल कम रही और लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले. बढ़ती ठंड को देखते हुए स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और नगर पंचायत से प्रमुख चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था करने की मांग की. हालांकि अखबारों में खबर छपने के बाद एक-दो दिनों तक नगर पंचायत ने अलाव की मदद शुरू की थी. शाम को लकड़ी गिराकर लोगों को राहत पहुंचाने की कोशिश की गयी, लेकिन लकड़ी के अभाव के कारण इसे पुनः बंद कर दिया गया. इससे गरीबों और राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. पीएचसी प्रभारी चिकित्सक डॉ. सौरभ निराला ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें और ब्लड प्रेशर व सांस के मरीजों को ठंड से बचाने की आवश्यकता है.
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