नवादा में अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास कार्यक्रम आयोजित
Published by : Vivek Singh Updated At : 24 May 2026 1:59 PM
सांकेतिक तस्वीर
Nawada News : नवादा में अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) और CSIR–National Environmental Engineering Research Institute के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों और प्रशिक्षुओं को जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया.
Nawada News : (विशाल कुमार) नवादा में अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) और CSIR–National Environmental Engineering Research Institute के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों और प्रशिक्षुओं को जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया.
पोस्टर प्रतियोगिता में दिखी छात्रों की रचनात्मक सोच
“अर्बन बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन – एक्टिंग लोकली फॉर ग्लोबल इम्पैक्ट” विषय पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, जल बचाव, हरित जीवनशैली और वैश्विक पर्यावरणीय चुनौतियों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया. कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में पर्यावरणीय संतुलन और सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाना था.
डॉ कंचन ने बताया जैव विविधता का महत्व
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं वरीय वैज्ञानिक डॉ कंचन कुमारी ने कहा कि जैव विविधता पृथ्वी पर जीवन के संतुलन का मूल आधार है. उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जनजागरूकता, वैज्ञानिक सोच और स्थानीय स्तर पर लोगों की सहभागिता बेहद जरूरी है. उन्होंने युवाओं को वृक्षारोपण, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग के लिए प्रेरित किया.
प्राचार्य बोले. हर नागरिक की जिम्मेदारी है पर्यावरण संरक्षण
डायट के प्राचार्य फैयाज आलम ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है. उन्होंने कहा कि जैव विविधता मानव जीवन का आधार है और छोटे-छोटे स्थानीय प्रयास भी वैश्विक स्तर पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं.
नई शिक्षा नीति से जोड़कर समझाया पर्यावरण का महत्व
आईक्यूएसी समन्वयक एवं व्याख्याता राकेश कुमार ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 और एनसीएफ 2023 के अनुसार शिक्षा को अनुभवात्मक और गतिविधि आधारित बनाना जरूरी है. उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और पर्यावरणीय जिम्मेदारी विकसित करती हैं.
इन प्रतिभागियों ने मारी बाजी
प्रतियोगिता में निशा भारती ने प्रथम, कशिश कुमारी भारती ने द्वितीय और खुशी, उर्फा तथा सोनाली ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया. कार्यक्रम में व्याख्याता अश्विनी भारद्वाज, डॉ शशिभूषण कुमार, डॉ स्वेता, मनोज कुमार और सुशील कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
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लेखक के बारे में
By Vivek Singh
विवेक सिंह माता सीता की धरती और मिथिला का द्वार कहे जाने वाले समस्तीपुर जिले से आते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. इससे पहले #The_Newsdharma के साथ डिजिटल मीडिया, ग्राउंड रिपोर्टिंग , और न्यूज़ लेखन के क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव रहा है. सामाजिक, राजनीतिक, शिक्षा, युवा, महिला सुरक्षा और जनता से जुड़े मुद्दों पर विशेष रुचि रखते हैं. सरल, तथ्यात्मक और प्रभावी लेखन शैली के माध्यम से पाठकों तक महत्वपूर्ण खबरें और मुद्दे पहुंचाने का निरंतर प्रयास करते हैं. NGO अमर शहीद बिपिन सिंह फाउंडेशन के साथ जुड़कर सामाजिक, स्वास्थ्य, पर्यावरण ,रोजगार और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर भी कार्य करने का अनुभव हैं.
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