सरकारी योजना फेल? गंगाबारा में आज भी कुएं का दूषित पानी पीने को मजबूर लोग
कुएं से पानी निकालते ग्रामीण
Nawada News : आधुनिकता से दूर गंगाबारा, आज भी कुएं पर टिका जीवन. शुद्ध पेयजल का सपना अधूरा. नल-जल योजना सिर्फ कागजों में, नीचे पढ़िए पूरा मामला.
नवादा से प्रेम कुमार की रिपोर्ट
Nawada News : आज के समय में कोई पानी के लिए कुआं का इस्तेमाल करे तो आपको लगेगा वो प्रकृति से जुड़ा इंसान है. मेसकौर प्रखंड के तेतरिया पंचायत के गंगाबारा गांव में लोग सभी कामों के लिए कुएं का पानी इस्तेमाल करते हैं. लेकिन यहां का पानी जानवर के भी पीने लायक नहीं है. बताते चले राज्य सरकार गांव-गांव तक शुद्ध पेयजल और 7 निश्चय योजना के तहत हर घर नल का जल पहुंचाने की बात कर रही है. लेकिन धरातल पर कुछ और दिख रहा है. दरअसल, मेसकौर प्रखंड अंतर्गत गंगाबारा गाँव में अब भी अधिकांश घरो के लोग कुएं के पानी के सहारे हैं.
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कुएं का दूषित पानी बना ग्रामीणों की मजबूरी
स्थानीय लोगों ने बताया कि हमलोग कुम्हार तोला के लोग अभी भी पुराने कुएं के पानी के सहारे हैं. ग्रामीनो ने कहा कि कुएं का पानी मटमैला हो गया है. फिर भी पानी पीना पड़ता है. क्योंकि कोई और व्यवस्था नहीं मौजूद है. ग्रामीण सूरज पंडित, सोनी देवी,रुक्मिणी देवी और महेश पंडित का कहना है कि कुएं में लोग रात के समय कचरा डाल देते हैं जिससे पानी से काफी बदबू आने लगता है. इससे पानी पीने लायक नहीं रह जाता है. ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में प्रखंड के बीडीओ एवं सीओ से शिकायत भी की गई. लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है.
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