गैस किल्लत के बीच जलावन के लिए कट रही हरियाली, सड़क किनारे उगे हजारों पौधों पर मंडराया खतरा
Published by : Vivek Singh Updated At : 27 May 2026 11:23 AM
सड़क किनारे हरियाली की तस्वीर
Nawada News : नवादा जिले के रोह प्रखंड क्षेत्र में सड़क किनारे प्राकृतिक रूप से उगी हरियाली इन दिनों लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है. कादिरगंज मोड़ से लेकर कौआकोल तक सड़क किनारे हजारों नन्हे पौधे और झाड़ियां हरियाली की सुंदर तस्वीर पेश कर रहे हैं. लेकिन हर साल की तरह इस बार भी बरसात शुरू होने से पहले इन पौधों के कटने का खतरा बढ़ गया है.
Nawada News : (अमित सौरभ) नवादा जिले के रोह प्रखंड क्षेत्र में सड़क किनारे प्राकृतिक रूप से उगी हरियाली इन दिनों लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है. कादिरगंज मोड़ से लेकर कौआकोल तक सड़क किनारे हजारों नन्हे पौधे और झाड़ियां हरियाली की सुंदर तस्वीर पेश कर रहे हैं. लेकिन हर साल की तरह इस बार भी बरसात शुरू होने से पहले इन पौधों के कटने का खतरा बढ़ गया है.
प्रकृति ने खुद उगाए शीशम, पीपल और बरगद के पौधे
सड़क किनारे सिर्फ झाड़ियां ही नहीं, बल्कि शीशम, सीरीस, पीपल, बरगद और गुलड़ जैसे बहुमूल्य वृक्षों के पौधे भी बड़ी संख्या में प्राकृतिक रूप से उग आए हैं. पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यदि इन पौधों को सुरक्षित रखा जाए तो कुछ वर्षों में ये घने और विशाल वृक्ष बन सकते हैं.
बारिश से पहले जलावन के लिए काटे जाते हैं पौधे
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार बारिश शुरू होने से पहले जलावन की व्यवस्था के लिए छोटे पौधों को काट लेने की पुरानी परंपरा रही है. बरसात में लकड़ी गीली हो जाती है, इसलिए लोग पहले से ही जलावन इकट्ठा कर लेते हैं. इसी वजह से हर साल हजारों पौधे बड़े होने से पहले ही काट दिए जाते हैं.
सुबह-शाम लोगों को लुभा रही प्राकृतिक हरियाली
इस्कॉन केंद्र के प्रबंधक प्रद्युम्न प्रभु ने कहा कि इन दिनों सड़क किनारे की हरियाली बेहद आकर्षक दिख रही है. सुबह और शाम लोग इस प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों बाद यह हरियाली गायब हो जाती है.
बिना सरकारी खर्च तैयार हो सकती है हरित पट्टी
पर्यावरण प्रेमी गुंजन कुमार का कहना है कि सरकार हर साल पौधारोपण पर लाखों रुपये खर्च करती है, जबकि प्रकृति द्वारा खुद उगाए गए पौधों को बचाने की दिशा में गंभीर पहल नहीं होती. यदि इन पौधों का संरक्षण किया जाए तो बिना किसी अतिरिक्त खर्च के सड़क किनारे घनी हरित पट्टी विकसित हो सकती है.
जागरूकता और निगरानी से बच सकती है हरियाली
जेपी सेनानी रंजीत कुमार ने कहा कि वन विभाग और प्रशासन को गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है. लोगों को समझाना होगा कि आज का छोटा पौधा ही आने वाले समय में बड़ा वृक्ष बनेगा. स्थानीय लोगों का भी मानना है कि यदि विभाग गंभीरता दिखाए तो आने वाले वर्षों में रोह क्षेत्र की सड़कें घने पेड़ों से आच्छादित नजर आ सकती हैं.
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लेखक के बारे में
By Vivek Singh
विवेक सिंह माता सीता की धरती और मिथिला का द्वार कहे जाने वाले समस्तीपुर जिले से आते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. इससे पहले #The_Newsdharma के साथ डिजिटल मीडिया, ग्राउंड रिपोर्टिंग , और न्यूज़ लेखन के क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव रहा है. सामाजिक, राजनीतिक, शिक्षा, युवा, महिला सुरक्षा और जनता से जुड़े मुद्दों पर विशेष रुचि रखते हैं. सरल, तथ्यात्मक और प्रभावी लेखन शैली के माध्यम से पाठकों तक महत्वपूर्ण खबरें और मुद्दे पहुंचाने का निरंतर प्रयास करते हैं. NGO अमर शहीद बिपिन सिंह फाउंडेशन के साथ जुड़कर सामाजिक, स्वास्थ्य, पर्यावरण ,रोजगार और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर भी कार्य करने का अनुभव हैं.
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