हिसुआ में नदी में डूबने से सफाई कर्मी की मौत, परिजनों को अब तक नहीं मिला सरकारी सहारा

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पीड़ित परिवार से मिलते लोग | Prabhat Khabar Network

पीड़ित परिवार से मिलते लोग

नवादा जिले के हदसा गांव में एक सफाई कर्मी की नदी में डूबने से मौत हो गई. उन्होंने एक वृद्ध की जान बचाई थी, लेकिन खुद की जान नहीं बचा सके. पीड़ित परिवार अब तक सरकारी सहायता का इंतजार कर रहा है.

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Nawada News : नवादा जिले के हिसुआ प्रखंड के हदसा पंचायत स्थित हदसा गांव में ढाढर नदी में डूबने से हुई एक व्यक्ति की मौत के बाद पीड़ित परिवार गहरे सदमे और परेशानियों से जूझ रहा है. बीते शनिवार को 45 वर्षीय रामस्वरूप मांझी की नदी में डूबकर मौत हो गई थी. घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और अब तक उन्हें किसी तरह की सरकारी सहायता नहीं मिल पाने से उनकी चिंता और बढ़ गई है.

जानकारी के अनुसार, रामस्वरूप मांझी लोहिया स्वच्छता अभियान के तहत पंचायत स्तर पर सफाई कर्मी के रूप में कार्यरत थे. बताया जा रहा है कि हादसे के दिन उन्होंने एक वृद्ध व्यक्ति को नदी में डूबने से बचाने की कोशिश की. वृद्ध को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन इसी दौरान रामस्वरूप मांझी खुद गहरे पानी में चले गए और उनकी जान नहीं बच सकी. इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है.

Hisua Incident : पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता

घटना की जानकारी मिलने के बाद बाबा दशरथ मांझी जागृति मंच के संस्थापक कपिल देव मांझी अपने सहयोगियों के साथ पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिजनों से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया. इस दौरान संस्थान के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे.

कपिल देव मांझी ने बताया कि रामस्वरूप मांझी एक मेहनतकश व्यक्ति थे और अपने परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे. उनके अचानक चले जाने से परिवार आर्थिक और मानसिक दोनों रूप से टूट गया है.

अब तक नहीं मिला सरकारी लाभ

संस्थान के सदस्यों ने बताया कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद पीड़ित परिवार को अब तक किसी भी प्रकार की सरकारी सहायता नहीं मिल पाई है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में प्रशासन की ओर से त्वरित मदद मिलनी चाहिए, ताकि परिवार को कुछ राहत मिल सके.

उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रखंड स्तर के अधिकारियों से मिलकर परिवार को मिलने वाले सरकारी लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा. इसके लिए हर संभव पहल की जाएगी, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय और सहायता मिल सके.

गांव में शोक का माहौल

रामस्वरूप मांझी की मौत के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने एक व्यक्ति की जान बचाने के लिए अपनी जान गंवा दी, जो एक साहसिक और मानवीय कदम था. लोग उन्हें एक जिम्मेदार और मददगार इंसान के रूप में याद कर रहे हैं.

इस दौरान रंजीत मांझी, संदीप कुमार, प्रदीप कुमार, शार्जन कुमार, पूर्व वार्ड सदस्य ब्रह्मदेव मांझी सहित कई लोग मौजूद रहे और परिवार को ढांढस बंधाया.


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