शब-ए-बरात पर पूर्वजों को किया याद
Updated at : 12 May 2017 7:37 AM (IST)
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नवादा : शब-ए-बरात पर इस्लाम धर्मावलंबियों ने अपने पूर्वजों को याद किया. शब ए बरात को लेकर बाजारों में रौनक दिखी. जानकारों ने बताया कि शब व बरात से मिल कर शब-ए-बरात बना है. शब का मतलब रात और बरात का मतलब बरी होना होता है. यानी वह पवित्र दिन जिस दिन दुआ मांगने से […]
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नवादा : शब-ए-बरात पर इस्लाम धर्मावलंबियों ने अपने पूर्वजों को याद किया. शब ए बरात को लेकर बाजारों में रौनक दिखी. जानकारों ने बताया कि शब व बरात से मिल कर शब-ए-बरात बना है. शब का मतलब रात और बरात का मतलब बरी होना होता है. यानी वह पवित्र दिन जिस दिन दुआ मांगने से सीधे अल्लाह कबुल करते हैं. जिले में यह पर्व मनाया गया.
मुसलमानों के लिए यह रात खास रही़ पूरी रात नियाज फातिया करके अल्लाह से अपनी गलतियों के लिए माफी मांगी तथा अपनों के कब्रों पर जाकर पूर्वजों को याद किया. अल्लाह की इबादत के लिए लोग पूरी रात जाग कर कुरान की तिलावत भी करते दिखे. नगर में कई स्थानों पर रात में चाय की व्यवस्था की गयी थी़ त्योहार को देखते हुए प्रशासन की ओर से कुछ मसजिदों के पास सुरक्षा बलों की तैनाती की गयी थी़ विभिन्न मजारों को भी लाइट से सजाकर लोगों ने अपने पुरखों को याद किया.
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