स्कूलों के चापाकल व शौचालय करें दुरुस्त : डीएम

Updated at : 20 Apr 2017 7:29 AM (IST)
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स्कूलों के चापाकल व शौचालय करें दुरुस्त : डीएम

डीइओ व सभी बीइओ को शो कॉज नवादा : विद्यालयों में चापाकल व शौचालय हर हाल में चालू अवस्था में होनी चाहिए. उक्त बातें जिला पदाधिकारी मनोज कुमार ने समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों से कहीं. उन्होंने कहा कि भीषण गरमी को देखते हुए दो दिनों के अंदर […]

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डीइओ व सभी बीइओ को शो कॉज
नवादा : विद्यालयों में चापाकल व शौचालय हर हाल में चालू अवस्था में होनी चाहिए. उक्त बातें जिला पदाधिकारी मनोज कुमार ने समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों से कहीं. उन्होंने कहा कि भीषण गरमी को देखते हुए दो दिनों के अंदर विद्यालयों में बंद पड़े चापाकलों की सूची उपलब्ध करायें ताकि अविलंब उसकी मरम्मत हो सके. विद्यालयों में छात्रवृत्ति, पोशाक, साइिकल आदि की राशि का वितरण की समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि विद्यालयों के खातों में राशि पहुंच जाने के बाद भी भी कई विद्यालयों में छात्रों के खाते में राशि अभी तक नहीं पहुंची है.
डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं संबंधित डीपीओ को स्पष्टीकरण करने का निर्देश दिया. डीएम ने कहा कि निर्देश के बावजूद प्रतिदिन वितरण रिपोर्ट क्यों नहीं भेजी गयी. उन्होंने निर्देश दिया कि प्रखंडवार अद्यतन वितरण रिपोर्ट हर हाल में उपलब्ध करवायें. डीएम ने विद्यालयों में जीविका दीदियों द्वारा किये गये निरीक्षण के उपरांत दोषी शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
गौरतलब हो कि जीविका दीदियों द्वारा विद्यालयों के निरीक्षण के उपरांत सौंपे गये प्रतिवेदन के आधार पर 148 शिक्षकों से स्पष्टीकरण किया गया है. जिला पदाधिकारी ने कहा कि सिर्फ स्पष्टीकरण करने से काम नहीं चलेगा, कार्रवाई का परिणाम भी दिखाई पड़नी चाहिए. नारदीगंज के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के निरीक्षण में 49 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति पायी गयी. डीएम ने इस संबंध में नारदीगंज के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि निरीक्षण का एक मात्र उद्देश्य विद्यालयों में बच्चों की अधिक से अधिक उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि 15 मई तक स्थिति में सुधार नहीं हुई, तो संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं सीआरसी पर जबावदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि छात्र-अविभावक की नियमित रूप से बैठक बुलाएं तथा कम उपस्थिति वाले विद्यालयों को चिन्हित कर वहां विशेष अभियान चलायें. उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि हड़ताल की आड़ में कहीं नियमित शिक्षक भी बहाना बना कर विद्यालय नहीं पहुंचे. इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.
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