शराब दुकान बंदोबस्ती छठे दिन भी बोहनी नहीं

Published at :07 Feb 2014 3:58 AM (IST)
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शराब दुकान बंदोबस्ती  छठे दिन भी बोहनी नहीं

-2013-14 के 71 आवेदकों को काली सूची में डाला गया -2014-15 के लिए नगर भवन में लॉटरी से 15 फरवरी को होगी बंदोबस्ती नवादाः जिले के सभी शराब दुकानों की बंदोबस्ती के छठे दिन भी एक भी आवेदन उत्पाद विभाग में नहीं पहुंचा. एक से 10 फरवरी तक शराब बंदोबस्ती की तिथि निर्धारित की गयी […]

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-2013-14 के 71 आवेदकों को काली सूची में डाला गया

-2014-15 के लिए नगर भवन में लॉटरी से 15 फरवरी को होगी बंदोबस्ती

नवादाः जिले के सभी शराब दुकानों की बंदोबस्ती के छठे दिन भी एक भी आवेदन उत्पाद विभाग में नहीं पहुंचा. एक से 10 फरवरी तक शराब बंदोबस्ती की तिथि निर्धारित की गयी है. 5 फरवरी को नगर भवन में लॉटरी के माध्यम से शराब के कुल 134 दुकानों की बंदोबस्ती 51 समूह बना कर की जानी है. उत्पाद अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि वर्ष 2014-15 के लिए कोई फेर बदल नहीं किया गया है. पहले की तरह ही बंदोबस्ती की जायेगी. उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 2013-14 के बंदोबस्ती में 71 आवेदकों पर प्राथमिकी दर्ज की गयी थी.

वैसे लोगों के को इस बंदोबस्ती में भाग नहीं लेने दिया जायेगा. उन्होंने बुधवार को पटना में बंदोबस्ती बेहतर ढंग से कराने का निर्देश दिये जाने की जानकारी दी. लॉटरी में तीन-तीन दुकानों का समूह बना कर बंदोबस्त किया जाना है. इसमें कम आमदनी वाले दुकान शामिल रहेंगे. लॉटरी के माध्यम से नाम निकाला जायेगा, जिसमें नाम वाले को प्राथमिकता मिलेगी. उन्होंने बताया कि शराब डीपी का बंदोबस्ती नहीं हो सका. इसलिए उसकी अवधि विस्तार कर दी जायेगी. क्षेत्र के हिसाब से तीन केटोगरी बनायी गयी है, जिसमें सभी का अलग-अलग आवेदन शुल्क है. नगर पर्षद क्षेत्र वाले दुकानों का आवेदन शुल्क चार हजार रुपये, नगर पंचायत क्षेत्र वाले दुकानों का आवेदन शुल्क तीन हजार रुपये व ग्रामीण स्तर के दुकानों (कंपोजिट) का आवेदन शुल्क दो हजार रुपये है.

दुकानें लेने वालों द्वारा नकद राशि, बैंक ड्राफ्ट व बैंकर्स चेक के माध्यम से राशि ली जायेगी. जिले की कुल 134 दुकानों में ग्रामीण स्तर के (कंपोजिट) दुकानों की संख्या 60 है, 33 विदेशी और 41 देसी शराब दुकानें हैं. जिसे 51 समूहों में बांटा गया है. पिछले साल छह समूह के 12 दुकान बंदोबस्त रहा. इसलिए इस बार उन दुकानों को अलग अलग समूह में डाल दिया गया है. पूर्व में बंदोबस्ती के दौरान दुकान लेने वालों को छह माह का राजस्व शुल्क जमा करना पड़ता है. परंतु, वर्तमान में केवल एक ही माह का राजस्व शुल्क जमा करना पड़ता है. वर्तमान में केवल एक ही माह का राजस्व शुल्क लिया जाना है. विभाग को 134 दुकानों से राजस्व शुल्क दो करोड़ 98 लाख 38 हजार 430 रुपये समुचित उठाव पर आने की संभावना है. बंदोबस्ती के समय चार टेबुल बनाये जायेंगे, जिसमें प्रत्येक टेबुल पर 3-3 विभागीय लोग तैनात रहेंगे.

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