भोजन भी पौष्टिक, गारंटी नहीं

Updated at : 04 Aug 2016 7:40 AM (IST)
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भोजन भी पौष्टिक, गारंटी नहीं

अनदेखी. सदर अस्पताल में मरीजों को नहीं मिलते बिस्कुट व चाय स्वच्छ पानी की भी नहीं है व्यवस्था अब मरीजों के नाश्ते व भोजन पर खर्च होंगे एक सौ रुपये नवादा कार्यालय : सूबे के अस्पतालों में एक अगस्त से भरती मरीजों के नाश्ता और भोजन पर अब 50 के बजाय सौ रुपये खर्च किया […]

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अनदेखी. सदर अस्पताल में मरीजों को नहीं मिलते बिस्कुट व चाय
स्वच्छ पानी की भी नहीं है व्यवस्था
अब मरीजों के नाश्ते व भोजन पर खर्च होंगे एक सौ रुपये
नवादा कार्यालय : सूबे के अस्पतालों में एक अगस्त से भरती मरीजों के नाश्ता और भोजन पर अब 50 के बजाय सौ रुपये खर्च किया जाना है. राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा सरकारी अस्पतालों में भरती मरीजों के बेहतर इलाज के साथ मुफ्त नाश्ता व भोजन की भी व्यवस्था की जाती है. लेकिन मरीजों को बिस्कुट व चाय नहीं मिलते हैं़ साथ ही भोजन भी गुणवत्तपूर्ण नहीं होता.
जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल में भरती मरीजों को मौसमी फल भी नहीं मिल रहा है. शाम को मिलनेवाला ग्लूकोज बिस्कुट और चाय भी सिर्फ बोर्ड पर लिखी खाद्य सामग्री बन कर रह गयी है. जबकि, सरकार मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए नाश्ते और भोजन पर एक अगस्त से अब 50 रुपये की जगह सौ रुपये खर्च करनेवाली हैं. सदर अस्पताल में भरती मरीजों को पथ्य में सुबह के नाश्ते के साथ दोपहर और रात का भोजन दिया जाना है. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने नाश्ता और भोजन में दिये जानेवाले पथ्य के रूप में खाद्य सामग्री का मीनू भी दे रखा है.
निगरानी के अभाव में की जा रही कटौती : सदर अस्पताल में भरती मरीजों को आउटसोर्सिंग द्वारा निजी एजेंसी के वेंडर से नाश्ता व भोजन उपलब्ध कराया जाता हैं. इसमें तय मीनू के अनुसार मरीजों को मिलनेवाले नाश्ते व भोजन में कटौती की जा रही है. निगरानी के अभाव में मरीजों को मिलनेवाला पौष्टिक भोजन वेंडर द्वारा पूरा नहीं किया जाता है. मरीजों के स्वास्थ्य में जल्द सुधार हो, इसके लिये तय पथ्य में दो सौ ग्राम मौसमी फल की व्यवस्था की गयी है. भरतीमरीजों ने बताया कि फल के नाम पर सुबह में कभी-कभी एक केला दिया जाता है, जबकि शाम में दिया
जानेवाला ग्लूकोज, बिस्कुट और चाय कभी नहीं मिलता. मरीज के परिजनों द्वारा विरोध किये जाने पर फूड सप्लाइ करनेवाले वेंडर कहते हैं कि अस्पताल में उपलब्ध दवाएं जब नहीं मिलती, तब मुफ्त में पूरा नाश्ता व भोजन कैसे उपलब्ध होगा.
भोजन पर खर्च होंगे सौ रुपये : स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव ने कहा है कि एक अगस्त से ही मरीजों के भोजन और नाश्ता पर एक सौ रुपये खर्च किया जाना है. अभी तक इस मद पर प्रति मरीज 50 रुपये खर्च किये जाते थे.
इसके उलट सदर अस्पताल में 50 रुपये की खाद्य सामग्री में भी
कटौती की जा रही हैं. मरीजों को दिये जानेवाले खाद्य सामग्री की जांच पर भी सवालिया निशान है. परिजन मरीजों को घर का बना
खाना खिलाना ही बेहतर समझते हैं.
मरीजों के लिए शुद्ध और कीटाणुरहित पानी की व्यवस्था भी अस्पताल परिसर में नहीं हैं. आरओ से फिल्टर्ड पानी के अभाव में परिजन किसी तरह स्वच्छ और शुद्ध पानी की व्यवस्था करते हैं.
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