12 साल से अमावां की सड़क की नहीं हुई मरम्मत

Updated at : 11 Jul 2016 2:22 AM (IST)
विज्ञापन
12 साल से अमावां की सड़क की नहीं हुई मरम्मत

दो पंचायतों को जोड़ती है सड़क, बड़ी आबादी हो रही है प्रभावित रजौली : प्रखंड के अमावां मोड़ से अमावां गांव जानेवाली सड़क की स्थिति वर्षों से जर्जर है. दो पंचायतों को जोड़ने वाली सड़क गड्ढों में तब्दील है. बावजूद कोई भी प्रशासनिक पहल नहीं हुई है. अमावां मोड़ से अमावां गांव की दूरी तीन […]

विज्ञापन

दो पंचायतों को जोड़ती है सड़क, बड़ी आबादी हो रही है प्रभावित

रजौली : प्रखंड के अमावां मोड़ से अमावां गांव जानेवाली सड़क की स्थिति वर्षों से जर्जर है. दो पंचायतों को जोड़ने वाली सड़क गड्ढों में तब्दील है. बावजूद कोई भी प्रशासनिक पहल नहीं हुई है. अमावां मोड़ से अमावां गांव की दूरी तीन किलोमीटर है. साथ ही यह सड़क कई छोटे-बड़े गांव को भी मुख्य सड़क से जोड़ती है. दोनों पंचायत के लगभग 25 से 30 हजार आबादी इस सड़क से जुड़ी है. यह सड़क गांवों को एनएच 31 से जोड़ता है. इस सड़क से रजौली व नवादा जुड़ है.
इन जगहों पर जाने के लिए अमावां बाजार से कई मैजिक, जीप, ऑटो, रिक्शा हैं. यात्री सड़क में उभरे गड्डों में हिचकोले खाते हुए मुख्यालय पहुंचते हैं. गड्डों में पानी जमा होने के कारण हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. 30 से 35 साल पहले अमावां मोड़ से अमावां उच्च विद्यायल तक सड़क का निर्माण कराया गया था. यह सड़क पूर्व विधायक बनवारी राम के समय निर्मित हुआ था. इसकी मरम्मत लगभग 10 से 12 वर्ष पहले हुआ था, लेकिन इसके बाद सड़क का जायजा लेने वाला कोई नहीं है.
खराब सड़क होने के कारण किराया बढ़ा : पहले सड़क मार्ग से तीन किमी का किराया पांच रूपये था. लेकिन सड़क खराब होने के कारण किराया बढ़ा कर 10 रुपये कर दिया गया. इससे लोगों को आर्थिक नुकसान भी होता है. गरीब तबके के लोगों के लिए 10 रुपये का किराया काफी होता है, इसके कारण गरीब लोग पैदल चल कर यह दूरी तय करते हैं. बरसात के दिनों में सड़क पर पानी जमा होता है. इससे पैदल चलना भी एक मुसीबत होता है. आपात स्थिति में लोग खराब सड़क के कारण परेशानियों का सामना करते हैं. दोनों पंचायतों में रहनेवाली आबादी लंबे समय से सड़क बनने की आस लगाये बैठी हैं.
जर्जर सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल
अमावां की सड़क गड्डों में तब्दील हो गयी है. इससे लोगों को पैदल चलना पड़ता है. कई परेशानियों का सामना आये दिन करना पड़ता है. यह सड़क जल्द ठीक होनी चाहिए.
उमेश सिंह, बड़हर
काजीचक गांव के लोग अमावां की मुख्य सड़क से होते हुए रजौली व नवादा जाते हैं. सड़क खराब होने के कारण इमरजेंसी होने पर ऑटो रिक्शा जल्दी नहीं पहुंच पाता है. इससे रास्ते में दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है. जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत होनी चाहिए.
दिनेश मिस्त्री, काजीचक
बिहार सरकार, जिला प्रशासन व स्थानीय प्रतिनिधियों के उदासीन रवैये से सड़क की यह दुर्दशा है. जनप्रतिनिधि इस मामले को जिला प्रशासन तक पहुंचाते, तब यह समस्या नहीं होती. बरसात में आवागमन में ग्रामीणों को काफी समस्या होती है. शादी विवाह के मौके पर लोग आने से कतराते हैं.
अवधेश राय, अमांवा
अमावां की सड़क कई गांवों की मुख्य सड़क है. बड़े-बड़े गड्डों होने पर उसमें पानी जमा रहता है. इससे गाड़ी को भी सड़क पर चलने में दिक्कत होती है. सड़क की मरम्मत बहुत जरूरी है.
शंकर सिंह, अमावां
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन