पानी की किल्लत मुख्य समस्या

Updated at : 20 Apr 2016 7:33 AM (IST)
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पानी की किल्लत मुख्य समस्या

पानी, संपर्क पथ, सिंचाई हैं मुख्य समस्याएं हिसुआ : हिसुआ प्रखंड की चितरघट्टी पंचायत में मुख्य समस्या पेयजल की किल्लत व सिंचाई का है़ सरकारी योजनाओं का लाभ मिला, परंतु उसका लाभ पिछले जनप्रतिनिधियों के समर्थकों व लोगों को लाभांवित करने में व्यय हुआ, इसका आरोप लगता रहा है़ सभी मुखिया व जनप्रतिनिधियों के कार्यकाल […]

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पानी, संपर्क पथ, सिंचाई हैं मुख्य समस्याएं
हिसुआ : हिसुआ प्रखंड की चितरघट्टी पंचायत में मुख्य समस्या पेयजल की किल्लत व सिंचाई का है़ सरकारी योजनाओं का लाभ मिला, परंतु उसका लाभ पिछले जनप्रतिनिधियों के समर्थकों व लोगों को लाभांवित करने में व्यय हुआ, इसका आरोप लगता रहा है़ सभी मुखिया व जनप्रतिनिधियों के कार्यकाल में कमोबेश विकास के काम हुए, कार्य होते भी रहे. परंतु फिर भी कुछ गांव व जरूरतमंद लोग उससे महरूम हैं. कई गांवों में विकास के काम खूब झलकते हैं, तो कुछ गांव वंचित है़ मौला नगर में संपर्क पथ नहीं बन सका़ गली-नाली की समस्या बरकरार है़
बिजली को लेकर भी मुखिया व जनप्रतिनिधियों ने खूब पहल की, परंतु अब बिजली तो आ गयी लेकिन कई गांवों में परेशानी है़ चितरघट्टी में जले ट्रांसफार्मर पर कोई पहल नहीं होने से बिजली की समस्या बरकरार है़ विद्यालयों का उत्क्रमण किये जाने की पहल जनप्रतिनिधियों ने की़,लेकिन शिक्षा व्यवस्था को और सुधारने की जरूरत आम जन कहते हैं. पंचायत में अवैध शराब निर्माण पर अंकुश के लिए जनप्रतिनिधि व जनता का विरोध बराबर सामने आता रहा और बहुत हद तक उस पर रोक भी लगी. कहीं-कहीं आम लोगों का काम नहीं होने या उपेक्षा किये जाने की बातें सामने आती है़
लेकिन मुखिया का दावा है कि हमने सभी के काम और समस्याओं का समान रूप से संज्ञान लिया और उस पर पहल की़ आम जन मुखिया व जनप्रतिनिधियों पर अपने लोगों को अधिक लाभांवित करने, चापाकल की योजनाओं का आम से खास बनाने, पीसीसी ढलाई में भी भेद-भाव करने का आरोप लगाते हैं, तो कहीं-कहीं मुखिया के कामों की संतुष्टि भी झलकती है़ पंचायत में जनप्रतिनिधि व विरोधियों का कई विवाद उभरता रहा है़ आंगनबाड़ी, मनरेगा, धान खरीद, पैक्स आदि के मामलों में खींच-तान की स्थिति भी आती रही है़
शुरू से ही अगड़ी जाति के मुखिया व जिला पार्षद रहे: पंचायत की सीट पर शुरू से ही अगड़ी जाति के मुखिया जमे रहे़ श्रीकांत सिंह, लालनारायण सिंह, अभय कुमार, वीरेंद्र कुमार सिंह मुखिया बने़ दो टर्म वीरेंद्र कुमार सिंह मुखिया बने़ उनकी पत्नी पूनम देवी भी निवर्तमान जिला पार्षद हैं.
सीट पर कांग्रेस, कम्युनिस्ट, भाजपा तीनों पार्टी से जुड़े मुखिया चुने जाते रहे़ निवर्तमान मुखिया बीरेंद्र कुमार सिंह भाजपा से जुड़े हैं. इस बार सीट सामान्य जाति से बदल कर अनुसूचित जाति का हो गया है़ इस वजह से बीरेंद्र कुमार सिंह व अभय कुमार को जिला पार्षद सीट से चुनाव लड़ना पड़ रहा है़ दोनों दिग्गज जनप्रतिनिधि एक ही गांव भदसेनी के निवासी भी हैं.
इस बार इस गांव से जदयू के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष व 20 सूत्री अध्यक्ष गुड्डु कुमार सिंह भी चुनाव लड़ रहे हैं. मनीष कुमार, गोपाल राजवंशी, अनिल सिंह, गोपाल कुमार, मणि लाल, रामजनक सिंह, कन्हैया कुमार, गुड्डू सिंह सहित अन्य लोगों का विरोध व असंतोष सामने आया़
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