खेल मैदान नहीं होने पर जताया रोष

Updated at : 26 Dec 2015 7:01 PM (IST)
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खेल मैदान नहीं होने पर जताया रोष

खेल मैदान नहीं होने पर जताया रोष खेल व खिलाड़ियों की दशा पर लोगों ने जतायी चिंता विभिन्न खेल संगठनों के सदस्यों ने बैठक कर किया मंथन बैडमिंटन व फुटबॉल के विकास के लिए प्रशासन से सहयोग करने की अपीलफोटो-8प्रतिनिधि, नवादा (सदर)शनिवार को शहर के होटल राजदरबार में विभिन्न खेल संघों के अधिकारियों व सदस्यों […]

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खेल मैदान नहीं होने पर जताया रोष खेल व खिलाड़ियों की दशा पर लोगों ने जतायी चिंता विभिन्न खेल संगठनों के सदस्यों ने बैठक कर किया मंथन बैडमिंटन व फुटबॉल के विकास के लिए प्रशासन से सहयोग करने की अपीलफोटो-8प्रतिनिधि, नवादा (सदर)शनिवार को शहर के होटल राजदरबार में विभिन्न खेल संघों के अधिकारियों व सदस्यों की बैठक हुई. इसमें खेल के सीमित संसाधन पर चिंता व्यक्त की गयी. सदस्यों ने सर्वप्रथम नवादा निवासी डॉ सावित्री शर्मा के पौत्र ईशान किशन के वर्ल्ड कप अंडर-19 के क्रिकेट में कप्तान चुने जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की व एक स्वर में कहा कि जिले में प्रतिभावान खिलाड़ियों की कमी नहीं है. सरकार की ओर से संसाधन मुहैया करायी जाये, तो और भी कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं. जिले में खेल मैदानों की कमी पर भी चिंता व्यक्त की गयी. जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के महासचिव प्रवल प्रताप की अध्यक्षता में आयोजित विभिन्न संघों की बैठक में क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन, हैंडबॉल, बॉलीवॉल, खो-खो, ताइक्वांडो, कैरम, एथलेटिक्स, शतरंज आदि खेल संघों से जुड़े लोगों ने अपने-अपने खेल क्षेत्रों के संबंध में खिलाड़ियों के समक्ष आनेवाली समस्याओं का जिक्र किया. रवि सिन्हा ने कहा कि इंडोर स्टेडियम के अभाव में खिलाड़ियों को शिक्षा विभाग के अधीन चले गये अांबेडकर इंडोर स्टेडियम में अभ्यास करना मजबूरी बन गया है. बैडमिंटन के क्षेत्र में नवादा के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा चुके है. जिला क्रिकेट आयोजन समिति के अध्यक्ष जैकी हैदर ने कहा कि जिले में क्रिकेट खिलाड़ियों के पूर्वाभ्यास के लिए कोई स्थल नहीं है. शहर के हृदय स्थली पर बसे हरिश्चंद्र स्टेडियम रख-रखाव के कारण मवेशियों का तबेला बन गया है. बाउंड्री नहीं रहने के कारण स्टेडियम में जल जमाव व मवेशियों के विचरण से खेल पूर्वाभ्यास भी नहीं हो पाता है. इसी स्टेडियम में खो-खो व हैंडबॉल का भी प्रैक्टिस मजबूरी बस किया जाता है. फुटबॉल संघ के जवाहर पासवान ने कहा कि जिले में फुटबॉल पूर्वाभ्यास के लिए स्थान नहीं है. सरकार द्वारा जिले के पांच प्रखंडों में फुटबॉल ग्राउंड निर्माण के लिए राशि भी आवंटित किये गये. परंतु, खेल स्थल का निर्माण नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों से भी फुटबॉल विलुप्त हो रही है. जबकि, जिले के निवासी रहे मेवालाल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फुटबॉल में अपनी पहचान बनायी थी. ताइक्वांडो संघ के अध्यक्ष आरपी साहू ने कहा कि स्थानाभाव के कारण ताइक्वांडो के खिलाड़ी गोवर्धन मंदिर में पूर्वभ्यास करते हैं. ऐसे खिलाड़ियों को समुचित स्थल उपलब्ध कराया जाये, तो राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता दिखने में पीछे नहीं हटेंगे. श्रवण बरनवाल के मंच संचालन में आयोजित बैठक में जिला मुख्यालय में स्टेडियम का निर्माण, हरिश्चंद्र स्टेडियम का जीर्णोद्धार, दो कोर्ट वाले बैडमिंटन हॉल का निर्माण, खो-खो खिलाड़ियों के लिए इंडोर स्टेडियम, हैंडबॉल के लिए पूर्वाभ्यास स्थल का निर्माण जैसे कई मांगे प्रशासन के समक्ष रखने का निर्णय लिया गया है. बैठक में मोहम्मद कामरान, राजेश कुमार मुरारी, प्रशांत राय, रवि सिन्हा, डॉ अनुज कुमार, संजय साव, सुभाष प्रसाद, वरुण केशरी सहित दो दर्जन से अधिक लोगों ने भाग लिया. इन खिलाड़ियों का रहा है बेहतर प्रदर्शनताइक्वांडो®दीपशिखाक्रिकेट®ईशान किशन, मनीष आनंदहैंडबॉल®खुशबू, कनकबैडमिंटन®आद्या, निधि सिंह, गौतम केशरी, गुलशन, अंकित, हेमंत राज, रविकांत, रवि सिन्हाफुटबॉल®पंकज कुमार, विधान कुमारएथलेटिक्स®विक्रमखो-खो-जिले में है एक मात्र स्टेडियमखेलों के विकास के लिए सरकार द्वारा भले ही तरह-तरह की योजनाएं चलायी जाये़ परंतु, नवादा जिले में खिलाड़ियों के पूर्वाभ्यास के लिए हरिश्चंद्र स्टेडियम स्टेडियम को छोड़ कर कोई अन्य मैदान नहीं रहने के कारण खिलाड़ियों को गली-मुहल्ले में ही प्रैक्टिस करना पड़ता है. स्टेडियम के बुरा हाल के कारण 15 अगस्त व 26 जनवरी को फैंसी क्रिकेट मैच भी पुलिस लाइन स्थित मैदान में खेलना पड़ता है. तत्कालीन सांसद डॉ कामेश्वर पासवान द्वारा इंडोर गेम के विकास के लिए ट्रेनिंग स्कूल के मैदान में अांबेडकर इंडोर स्टेडियम का निर्माण कराया गया था. परंतु, सरकारी कागजात में कमजोर रहने पर शिक्षा विभाग ने उक्त इंडोर स्टेडियम पर अपना दावा पेश किया है. स्कूलों के मैदान भी बच्चों के खेल मैदान के लिए कम पड़ रहे है. प्राइवेट स्कूल भी बच्चों के आउट डोर खेल के बजाय इंडोर खेल पर ही ज्यादा ध्यान दे रहे है. जिले के पांच प्रखंडों में स्टेडियम बनाये जाने की योजना थी. परंतु, योजना का मूर्त रूप नहीं दिया जा सका है. पांच प्रखंडों होगा स्टेडियम का निर्माण जिले में खेल के विकास के लिए सरकार की ओर से विभिन्न स्कूलों में राशि प्रदान किये गये हैं. पांच प्रखंडों में स्टेडियम निर्माण से संबंधित राशि जारी किये जा चुके हैं. खेलों के विकास के दिशा में प्रशासन प्रयत्नशील है. राजेश कुमार, एसडीओ सदर

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