कॉलेज ने 110 छात्रों को निकाला, भवष्यि अधर में

Updated at : 24 Dec 2015 9:02 PM (IST)
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कॉलेज ने 110 छात्रों को निकाला, भवष्यि अधर में

कॉलेज ने 110 छात्रों को निकाला, भविष्य अधर में फोटो- 24 एनडब्ल्यूडी 3: डीएम से मिल कर शिकायत करने पहुंचे स्टूडेंट्स.छात्रवृत्ति वितरण में धांधली के कारण कॉलेजों में सत्र 2014-15 में नहीं भेजे गये रुपये न्याय के लिए पूरे दिन समाहरणालय का चक्कर लगाते रहे छात्र, नहीं मिले अधिकारी प्रतिनिधि, नवादा (सदर)जिला कल्याण पदाधिकारी (डीडब्ल्यूओ), […]

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कॉलेज ने 110 छात्रों को निकाला, भविष्य अधर में फोटो- 24 एनडब्ल्यूडी 3: डीएम से मिल कर शिकायत करने पहुंचे स्टूडेंट्स.छात्रवृत्ति वितरण में धांधली के कारण कॉलेजों में सत्र 2014-15 में नहीं भेजे गये रुपये न्याय के लिए पूरे दिन समाहरणालय का चक्कर लगाते रहे छात्र, नहीं मिले अधिकारी प्रतिनिधि, नवादा (सदर)जिला कल्याण पदाधिकारी (डीडब्ल्यूओ), नाजीर व प्रधान सहायक की मिलीभगत से छात्रवृत्ति वितरण में हुई लगभग करीब चार करोड़ रुपये की हेराफेरी का असर जिले के प्रतिभावान छात्रों के भविष्य पर भी पड़ने लगा है. देश के विभिन्न संस्थानों में पढ़ रहे जिले के छात्र करीब 110 छात्रों को अपने भविष्य की चिंता सता रही है. छात्रवृत्ति के रुपये के गबन का खुलासा होने के बाद फिलहाल जिले से छात्रों के नाम भेजी जानेवाली राशि जारी जारी नहीं की गयी है. इसके कारण कुछ संस्थानों के जिले के करीब 110 छात्रों को फिलहाल बाहर का रास्ता दिखा दिया है. निकाले गये छात्र गुरुवार को डीएम से शिकायत करने समाहरणालय पहुंचे, लेकिन छुट्टी के कारण किसी भी अधिकारी से उनकी मुलाकात नहीं हो पायी. महात्मा ज्योतिबा फुले विश्वविद्यालय, जयपुर से एमबीए कर रहे आफताब आलम, मुरारी कुमार, रवीश कुमार, राहुल कुमार, सन्नी कुमार, धर्मेंद्र कुमार, विकास कुमार, राहुल कुमार व आनंद सागर आदि छात्रों ने बताया कि संस्थान ने उन्हें यह कह कर संस्स्थान से बाहर का रास्ता दिखा दिया है कि उनकी छात्रवृत्ति का चेक नहीं आया है. प्रबंधन ने बताया कि वहां (नवादा) में छात्रवृत्ति के रुपये के गबन का मामला चल रहा है, जब तक छात्रवृत्ति के रुपये नहीं मिल जाते हैं, तब तक उनके संस्थान में उनके लिए कोई जगह नहीं है. छात्रों का कहना है कि उनके संस्थान में तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा 22 दिसंबर से शुरू हो गयी है, जिसमें उन्हें शामिल नहीं होने दिया गया है. उनका मूल प्रमाणपत्र भी संस्थान में ही जमा है, जिसके कारण वे अन्य परीक्षाओं या कॉलेजों के फॉर्म भी नहीं भर सकते हैं. ऐसे में उनकी पूरी मेहनत मिट्टी में मिलती दिख रही है. संस्थान द्वारा इस तरह का रवैया अपनाये जाने से उनलोगों का कैरियर बरबाद होने के करार पर है. जिले के रोह, ननौरा, रजौली व वारिसलीगंज आदि क्षेत्रों के रहनेवाले इन छात्राें का कहना है कि उनके अलावा अन्य संस्थानों के छात्रों की भी यही स्थिति है. गौरतलब है कि छात्रवृत्ति के गबन के मामले की जांच करने एक टीम बाहर पढ़नेवाले जिले के सभी छात्रों के संस्थानों में गयी थी. इस संबंध में प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी मो सिगबतुल्लाह ने बताया कि डीएम ने उन्हें जिला कल्याण पदाधिकारी का प्रभार दिया था. लेकिन, उनके पास वित्तीय प्रभार नहीं है, जिस कारण वे छात्रवृत्ति भेजने की दिशा में कोई पहल नहीं कर सके. नये डीडब्ल्यूओ के शनिवार तक प्रभार ग्रहण करने की संभावना है. इस मामले में वे ही अब कोई कदम उठायेंगे.

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