प्रशासनिक लापरवाही से शुरू नहीं हो रही कक्षाएं

Updated at : 29 Nov 2015 7:42 PM (IST)
विज्ञापन
प्रशासनिक लापरवाही से शुरू नहीं हो रही कक्षाएं

प्रशासनिक लापरवाही से शुरू नहीं हो रही कक्षाएं चुनाव समाप्ति के बाद भी केएलएस कॉलेज में फैली है गंदगी कॉलेज प्रशासन को कई क्लास रूम में लगे ताले के नहीं मिली चाबी फोटो-11,12,13प्रतिनिधि, नवादा (नगर)जिले के गौरव कहे जानेवाले केएलएस कॉलेज में विधानसभा चुनाव समाप्ति के बाद भी कक्षाएं शुरू नहीं हो पायी है. चुनाव […]

विज्ञापन

प्रशासनिक लापरवाही से शुरू नहीं हो रही कक्षाएं चुनाव समाप्ति के बाद भी केएलएस कॉलेज में फैली है गंदगी कॉलेज प्रशासन को कई क्लास रूम में लगे ताले के नहीं मिली चाबी फोटो-11,12,13प्रतिनिधि, नवादा (नगर)जिले के गौरव कहे जानेवाले केएलएस कॉलेज में विधानसभा चुनाव समाप्ति के बाद भी कक्षाएं शुरू नहीं हो पायी है. चुनाव के कारण फैली गंदगी व कचरों का अंबार कॉलेज परिसर में देखी जा सकती है. केएलएस कॉलेज को विधानसभा चुनाव के लिए 18 सितंबर से ही जिला प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया था. कॉलेज में चुनाव को लेकर स्ट्रांग रूम व मतगणना केंद्र बनाया गया था. इसके लिए कॉलेज के लगभग 17 से अधिक कमरों व हॉलों में विभिन्न प्रकार के निर्माण कार्य चुनाव आयोग के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा कराया गया था. इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था के लिए फोर्स को रखने हेतु चार अतिरिक्त कमरों को भी जिला प्रशासन ने अपने कब्जे में लिया था. चुनाव समाप्ति के बाद नयी सरकार का गठन भी हो गया है. बावजूद अब तक कॉलेज परिसर में फैली गंदगी व कचरों को नहीं हटाया गया है. इसके अलावा जिन कमरों में स्ट्रांग रूम बनाये गये थे, उन कमरों की खिड़कियों को हटा कर पक्का दीवार बना दी गयी थी. साथ ही काउंटिंग हॉल में चारों ओर जाली की बैरिकेडिंग किया गया था. इसको भी अब तक नहीं हटाया गया है. कॉलेज में इन कारणों से अब तक क्लास शुरू नहीं हो पायी है. कॉलेज की हालत है अस्त-व्यस्त 18 सितंबर से ही कॉलेज जिला प्रशासन के कब्जे में चलाया गया था. आठ नवंबर को मतगणना के बाद कॉलेज परिसर से चुनाव कार्य में इस्तेमाल किये गये इवीएम व अन्य समग्रियां तो हटा लिये गये. लेकिन, स्ट्रांग रूम व काउंटिंग के लिए कमरों में जो निर्माण कार्य किया गया था वो अभी भी जस का तस बना हुआ है. कॉलेज के बॉटनी, जूलॉजी, केमेस्ट्री, फिजीक्स, आर्ट्स भवन, जिमनाजियम आदि विभागों के भवनों को चुनाव के समय इस्तेमाल किया गया था. जहां निर्माण के बाद अभी तक स्थित ज्यों की त्यों बनी हुई है. ये सभी भवन किसी काम नहीं रह गया है. इन कमरों के खिड़कियों व दरवाजों में दीवार खड़ी हो जाने के कारण कमरों में गहरा अंधेरा छा गया है. जहां दिन की रोशनी में भी हाथ से हाथ देखना भी मुश्किल हो गया है.कॉलेज के 17 कमरों का किया गया था इस्तेमालकॉलेज के प्रशासनिक भवन से लेकर, क्लर्क काउंटर रूम, बर्सर रूम सहित सभी विभागों के कमरों का इस्तेमाल चुनाव कार्य के लिए किया गया था. इसमें स्ट्रांग रूम, काउंटिंग हॉल, स्टेचुरी व ननस्टेचुरी, समान को रखने के लिए स्टोर रूम तथा फोर्स को ठहराने की व्यवस्थता की गयी थी. जिला प्रशासन ने चुनाव के समय तो बड़े ही आराम से कॉलेज भवन व कमरों का इस्तेमाल किया. लेकिन, चुनाव समाप्ति के बाद कॉलेज को अस्त-व्यस्त कर यूंही छोड़ दिया गया. कई कमरों की नहीं मिल रही चाबी कॉलेज प्रशासन को अब तक कई कमरों की चाबी नहीं मिल पायी है. कई कमरों में तो ताला तोड़ कर घुसना पड़ा है. जिला प्रशासन के अधिकारियों की लापरवाही के कारण कॉलेज के अंदर विद्यार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कॉलेज के पूर्वी छोर में बने जिमनाजियम एवं आर्ट्स भवन के लगभग 10 कमरों की चाबी कॉलेज को नहीं मिली है. इसके कारण इन कमरों को अब तक खोला भी नहीं जा सका है. चारों तरफ फैली है गंदगीकॉलेज में जिधर भी नजर उठाये खाने के डिब्बे की पैकेटे व खाली गिलास आदि के अलावा अन्य गंदगी बिखरी पड़ी है. मतगणना के दिन हजारों कर्मचारियों व राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि अंदर मौजूद थे. उनके खाने के पैकेट व अन्य गंदगी कमरों व अन्य जगहों पर फेंका हुआ है. इसकी सफाई भी अधिकारियों के द्वारा नहीं करायी गयी है. लाखों के उपस्कर हो रहे है बरबादचुनाव में कमरों का उपयोग करने के लिए क्लास रूम में रखे गये टेबुल, डेस्क, बेंच, कुरसी आदि को निकाल कर ऐसे ही कॉलेज की छत पर छोड़ दिया गया है. पिछले दो महीनों से ये सभी सामान छत पर ही खुले आसमान में फेंके हुए हैं. कॉलेज के लाखों रुपये के ये सभी उपस्कर बेकार पड़े हैं. प्रशासन के अधिकारियों ने कहा था कि वे इन सामान को पुन क्लास रूम में सेट करवा देंगे. लेकिन, यह काम भी नहीं किया गया है. कई बार अधिकारियों से लगायी गयी गुहार आठ नवंबर को मतगणना की समाप्ति के बाद कॉलेज की चाबी प्राचार्य को सौंपी दी गयी. उस समय से अब तक कई बार काउंटिंग सेंटर प्रभारी रहे ट्रेजरी ऑफिसर एवं भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता से कॉलेज परिसर को ठीक करने के लिए लिखित व मौखिक गुहार लगायी गयी है. 20 नवंबर को दीपावली व छठ की छुट्टियाें के बाद कॉलेज खुलने के उपरांत भी जिला के अधिकारियों से कमरों के अंदर बनाये गये जाली व खिड़कियों व दरवाजों के आगे पक्के दीवारों को हटाने की मांग की गयी है. अब तक कोई पहल नहीं की गयी है. 21 नवंबर को आवेदन देकर भी कॉलेज परिसर को ठीक करने का अनुरोध किया गया है. क्या कहते हैं प्राचार्यकॉलेज परिसर पूरी तरह से अस्त-व्यस्त है. काउंटिंग के लिए कमरों के भीतर ही तीन-तीन फुट ऊंची दीवार बनायी गयी थी व जाली लगायी गयी थी. इसके अलावा पांच बड़े हॉल में इवीएम को रखने के स्ट्रांग रूम बनाया गया था. इसके एक दरवाजे को छोड़ कर सभी खिड़कियों व अन्य दरवाजों को पक्के दीवार से सील कर दिया गया है. ऐसी स्थित में इन कमरों में कैसे पढ़ाई शुरू की जा सकती है.डॉ मदन प्रसाद, प्राचार्य, केएलएस कॉलेज क्या कहते हैं शिक्षकविभाग के कमरों का हाल बेहाल है. शिक्षकों के बैठने के लिए भी जगह विभाग में नहीं बची है. मजबूरी में हमलोगों को प्रिंसपल रूम में बैठना पड़ रहा है. गंदगी के कारण क्लास में घुसना भी मुश्किल हो गया है. डाॅ एमजेड शहजादा, रसायन विभाग, सह नोडल पदाधिकारी

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन